मिसल सतलुज संगठन ने नूरमहल में नशा माफिया के खिलाफ और नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंककर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने राज्य में नशे के कारोबार और नशा विरोधी आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए। संगठन के अध्यक्ष दविंदर सिंह संगोवाल ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परविंदर झोटा की हत्या ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगोवाल ने आरोप लगाया कि सरकार नशा माफिया पर लगाम लगाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है। नशे के कारण युवाओं का जीवन प्रभावित उन्होंने कहा कि यह मामला केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब के युवाओं के भविष्य से भी जुड़ा है। नशे के कारण युवाओं का जीवन प्रभावित हो रहा है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सीएम नैतिकता के आधार पर दें इस्तीफा संगोवाल ने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे की समस्या से बचाने के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है। युवाओं की जान को हल्के में नहीं लिया जा सकता। प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों ने सरकार से नशा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और नशे के विरुद्ध आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

