नीट छात्रा मौत मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर मंगलवार को पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच में लापरवाही को लेकर सीबीआई के केस आईओ और पटना पुलिस की जांच अधिकारी व एसआईटी प्रमुख सचिवालय एसडीपीओ डॉ. अनु कुमारी को जमकर फटकार लगाई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी। पटना हाईकोर्ट के वकील राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, सीबीआई ने जल्दबाजी में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। कोर्ट ने जांच के कई बिंदुओं पर नाराजगी जताई। खासकर सीसीटीवी फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूत जुटाने में हुई लापरवाही को लेकर एसआईटी प्रमुख से सवाल पूछे गए। हालांकि, उनकी ओर से दिए गए जवाब से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। ‘कोर्ट ने जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए’ पटना हाईकोर्ट वकील राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि सीबीआई की ओर से हड़बड़ी में क्लोजर रिपोर्ट सबमिट की गई है। कोर्ट ने कई बिंदुओं पर नाराजगी जाहिर की है। SIT चीफ सचिवालय एसडीपीओ डॉक्टर अनु कुमारी से सीसीटीवी, और दूसरे टेक्निकल एविडेंस कलेक्ट करने में जो लापरवाही बरती गई है, उसे लेकर सवाल जवाब किए, लेकिन संतोष जनक जवाब नहीं दिया गया। जो भी आरोप लगाए हैं, उस पर जांच नहीं हुई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए। कोर्ट की ओर से कहा गया कि अनुसंधान सही दिशा में नहीं किया गया। मामले में लगाए गए आरोपों की ठीक से जांच नहीं हुई। आत्महत्या का तर्क भी तथ्यों के आधार पर स्पष्ट नहीं है। ‘सीबीआई ने सबूत न होने की कही बात’ सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। इसी आधार पर मामले को बंद करने की रिपोर्ट दी गई है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान एसआईटी प्रमुख डॉ. अनु कुमारी कोर्ट में मौजूद रहीं। क्लोजर रिपोर्ट पर कोर्ट की नाराजगी के बाद अब सभी की नजरें 6 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। क्या है NEET छात्रा रेप-मौत मामला? 6 जनवरी 2025 को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा अपने रूम में बेहोश मिली थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप की बात कही गई। FSL की रिपोर्ट में छात्रा के अंडरगारमेंट में स्पर्म मिलने की बात सामने आई। बिहार सरकार ने पहले मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया। SIT की जांच छात्रा द्वारा नींद की गोली खाने से मौत के एंगल पर टिकी रही। पोस्टमॉर्टम और FSL की रिपोर्ट से रेप की पुष्टि होने से बिहार पुलिस की जांच पर सवाल उठे। मामले ने तूल पकड़ा तो बिहार सरकार ने CBI जांच की अनुशंसा की थी। लापरवाही बरतने में पुलिस पदाधिकारी सस्पेंड जांच के दौरान पाया गया कि चित्रगुप्त नगर की तत्कालीन एसएचओ रोशनी कुमारी और कदम कुआं के पदाधिकारी हेमंत झा ने लापरवाही बरती है। इसके आधार पर इन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि अब यह दोनों ड्यूटी पर लौट आए हैं। निलंबन खत्म हो गया है। नीट छात्रा मौत मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर मंगलवार को पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच में लापरवाही को लेकर सीबीआई के केस आईओ और पटना पुलिस की जांच अधिकारी व एसआईटी प्रमुख सचिवालय एसडीपीओ डॉ. अनु कुमारी को जमकर फटकार लगाई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी। पटना हाईकोर्ट के वकील राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, सीबीआई ने जल्दबाजी में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। कोर्ट ने जांच के कई बिंदुओं पर नाराजगी जताई। खासकर सीसीटीवी फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूत जुटाने में हुई लापरवाही को लेकर एसआईटी प्रमुख से सवाल पूछे गए। हालांकि, उनकी ओर से दिए गए जवाब से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। ‘कोर्ट ने जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए’ पटना हाईकोर्ट वकील राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि सीबीआई की ओर से हड़बड़ी में क्लोजर रिपोर्ट सबमिट की गई है। कोर्ट ने कई बिंदुओं पर नाराजगी जाहिर की है। SIT चीफ सचिवालय एसडीपीओ डॉक्टर अनु कुमारी से सीसीटीवी, और दूसरे टेक्निकल एविडेंस कलेक्ट करने में जो लापरवाही बरती गई है, उसे लेकर सवाल जवाब किए, लेकिन संतोष जनक जवाब नहीं दिया गया। जो भी आरोप लगाए हैं, उस पर जांच नहीं हुई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए। कोर्ट की ओर से कहा गया कि अनुसंधान सही दिशा में नहीं किया गया। मामले में लगाए गए आरोपों की ठीक से जांच नहीं हुई। आत्महत्या का तर्क भी तथ्यों के आधार पर स्पष्ट नहीं है। ‘सीबीआई ने सबूत न होने की कही बात’ सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। इसी आधार पर मामले को बंद करने की रिपोर्ट दी गई है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान एसआईटी प्रमुख डॉ. अनु कुमारी कोर्ट में मौजूद रहीं। क्लोजर रिपोर्ट पर कोर्ट की नाराजगी के बाद अब सभी की नजरें 6 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। क्या है NEET छात्रा रेप-मौत मामला? 6 जनवरी 2025 को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा अपने रूम में बेहोश मिली थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप की बात कही गई। FSL की रिपोर्ट में छात्रा के अंडरगारमेंट में स्पर्म मिलने की बात सामने आई। बिहार सरकार ने पहले मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया। SIT की जांच छात्रा द्वारा नींद की गोली खाने से मौत के एंगल पर टिकी रही। पोस्टमॉर्टम और FSL की रिपोर्ट से रेप की पुष्टि होने से बिहार पुलिस की जांच पर सवाल उठे। मामले ने तूल पकड़ा तो बिहार सरकार ने CBI जांच की अनुशंसा की थी। लापरवाही बरतने में पुलिस पदाधिकारी सस्पेंड जांच के दौरान पाया गया कि चित्रगुप्त नगर की तत्कालीन एसएचओ रोशनी कुमारी और कदम कुआं के पदाधिकारी हेमंत झा ने लापरवाही बरती है। इसके आधार पर इन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि अब यह दोनों ड्यूटी पर लौट आए हैं। निलंबन खत्म हो गया है।

