ट्रिपल आईटी रांची के हॉस्टल में शनिवार रात बीटेक फर्स्ट ईयर के छात्र आदित्य कुमार ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मूल रूप से बिहार के भागलपुर का रहने वाला आदित्य कुमार कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) का छात्र था। अब इस मामले पर शिक्षा मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। मामले की परिस्थितियों और इससे जुड़े मुद्दों की विस्तार से जांच करने के लिए, तीन सदस्यों की एक समिति बनाई गई है। इस समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की डायरेक्टर प्रो. रजनी अब्बी करेंगी और इसमें शिक्षा मंत्रालय के एक सीनियर साइकियाट्रिस्ट (मनोचिकित्सक) और एक सीनियर अधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), रांची, शिक्षा मंत्रालय के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर स्थापित एक संस्थान है।
ट्रिपल आईटी के छात्र ने हॉस्टल में लगाई थी फांसी
दरअसल, सेमेस्टर परीक्षा खराब होने के कारण आदित्य कुमार पिछले दो दिन से मानसिक तनाव में था। शनिवार रात करीब 8:30 बजे उसका रूम पार्टनर सक्षम बगल के कमरे में था, तभी आदित्य ने अंदर से कमरा बंद कर तौलिए के सहारे फांसी लगा ली। मृतक के सहपाठी ललित रंजन के अनुसार, आदित्य को जब फंदे से उतारा गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं। लेकिन केयरटेकर दीपक रौशन ने मदद करने की बजाय छात्रों को आदित्य के पास जाने और उसे छूने से मना कर दिया। बिजली कटने के कारण हॉस्टल का लिफ्ट बंद था। ऐसे में गंभीर हालत में आदित्य को सीढ़ियों से पांचवें तल्ले से नीचे बैडमिंटन कोर्ट तक लाना पड़ा। छात्रों ने लगाया जाम, कहा-निदेशक जिम्मेदार
इस घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने रातभर हॉस्टल परिसर में हंगामा किया। रविवार सुबह 11:30 बजे खेलगांव-लालगंज रोड को जाम कर दिया। वे संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव को इस घटना के लिए जिम्मेदार बता रहे थे। उनके इस्तीफे पर अड़े थे। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दो घंटे तक सड़क पर बैठे रहने के बाद पुलिस ने समझाकर छात्रों को हटाया तो वे हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में सड़क पर बैठ गए। वे कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। ट्रिपल आईटी रांची के हॉस्टल में शनिवार रात बीटेक फर्स्ट ईयर के छात्र आदित्य कुमार ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मूल रूप से बिहार के भागलपुर का रहने वाला आदित्य कुमार कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) का छात्र था। अब इस मामले पर शिक्षा मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। मामले की परिस्थितियों और इससे जुड़े मुद्दों की विस्तार से जांच करने के लिए, तीन सदस्यों की एक समिति बनाई गई है। इस समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की डायरेक्टर प्रो. रजनी अब्बी करेंगी और इसमें शिक्षा मंत्रालय के एक सीनियर साइकियाट्रिस्ट (मनोचिकित्सक) और एक सीनियर अधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), रांची, शिक्षा मंत्रालय के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर स्थापित एक संस्थान है।
ट्रिपल आईटी के छात्र ने हॉस्टल में लगाई थी फांसी
दरअसल, सेमेस्टर परीक्षा खराब होने के कारण आदित्य कुमार पिछले दो दिन से मानसिक तनाव में था। शनिवार रात करीब 8:30 बजे उसका रूम पार्टनर सक्षम बगल के कमरे में था, तभी आदित्य ने अंदर से कमरा बंद कर तौलिए के सहारे फांसी लगा ली। मृतक के सहपाठी ललित रंजन के अनुसार, आदित्य को जब फंदे से उतारा गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं। लेकिन केयरटेकर दीपक रौशन ने मदद करने की बजाय छात्रों को आदित्य के पास जाने और उसे छूने से मना कर दिया। बिजली कटने के कारण हॉस्टल का लिफ्ट बंद था। ऐसे में गंभीर हालत में आदित्य को सीढ़ियों से पांचवें तल्ले से नीचे बैडमिंटन कोर्ट तक लाना पड़ा। छात्रों ने लगाया जाम, कहा-निदेशक जिम्मेदार
इस घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने रातभर हॉस्टल परिसर में हंगामा किया। रविवार सुबह 11:30 बजे खेलगांव-लालगंज रोड को जाम कर दिया। वे संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव को इस घटना के लिए जिम्मेदार बता रहे थे। उनके इस्तीफे पर अड़े थे। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दो घंटे तक सड़क पर बैठे रहने के बाद पुलिस ने समझाकर छात्रों को हटाया तो वे हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में सड़क पर बैठ गए। वे कुछ सुनने को तैयार नहीं थे।

