प्रतापगढ़ में रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन सोमवार को सीता उत्पत्ति की मनमोहक झांकी निकाली गई। रथ पर सवार राजा जनक और रानी सुलोचना की मनमोहक लीला ने शहर के लोगों को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया। झांकी में दिखाया गया कि कैसे राजा जनक द्वारा खेत में हल चलाते समय धरती से एक घड़ा मिलता है, जिसमें माता सीता अवतरित होती हैं। इस अलौकिक दृश्य और सजीव चित्रण को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा। सीता उत्पत्ति की यह मनमोहक झांकी शाम 4:00 बजे शहर के गोपाल मंदिर से गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। रथ पर सवार राजा जनक और रानी सुलोचना का रूप धरे कलाकारों ने हल चलाते हुए माता सीता के प्रकट होने की लीला का बेहद सजीव और भावपूर्ण मंचन किया। झांकी गोपाल मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों भरतचौक, सदर बाजार और स्टेशन रोड होते हुए गुजरी। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर झांकी का स्वागत किया और माता सीता के दर्शन किए। पूरे शहर में भ्रमण करने के बाद इस भव्य झांकी का समापन वापस भरतचौक पर किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्री रामलीला समिति के पदाधिकारियों और शहर के गणमान्य लोगों की भारी उपस्थिति रही। जिनमें मुख्य रूप से समिति के संरक्षक रोशनलाल उमरवैश्य, श्याम शंकर सिंह, अध्यक्ष संजय खंडेलवाल, संयोजक दिनेश प्रताप सिंह ‘दिन्नू’, मंत्री विपिन गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनीष गुप्ता, धर्मेंद्र चौरसिया, राजू शर्मा, प्रदीप, बंटी नेता, शिवम खंडेलवाल, राहुल सोनी, विष्णु सोनी और विवेक यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

