सुप्रीम कोर्ट से प्रतिबंधित चम्बल बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए धौलपुर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर चम्बल घाटों, संवेदनशील इलाकों और प्रमुख रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस के अनुसार, लगातार गश्त और नाकाबंदी का असर दिखाई देने लगा है। मई 2026 में अवैध खनन और परिवहन के चार, जबकि जून में तीन मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद जुलाई और सितंबर 2026 में एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चम्बल से जुड़े 10 थाना क्षेत्रों में मुख्य घाटों पर आरएसी पोस्ट तैनात की गई हैं। वहीं, प्रमुख रास्तों पर अभय कमांड कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। गश्त और नाकाबंदी से अवैध गतिविधियों पर लगाम पुलिस के मुताबिक, चम्बल बजरी के अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए लगातार गश्त की जा रही है। संवेदनशील इलाकों और प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इन प्रयासों से मई 2026 के बाद अवैध खनन और परिवहन से जुड़े दर्ज मामलों में कमी आई है। जुलाई और सितंबर में कोई मामला दर्ज नहीं होना अभियान के दौरान सामने आया प्रमुख आंकड़ा है। 10 थाना क्षेत्रों में आरएसी पोस्ट, कैमरों से निगरानी चम्बल नदी से जुड़े 10 थाना क्षेत्रों में अवैध खनन रोकने के लिए मुख्य घाटों पर राजस्थान सशस्त्र बल (आरएसी) की पोस्ट लगाई गई हैं। इसके साथ ही प्रमुख रास्तों पर अभय कमांड कैमरे लगाए गए हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पुलिस टीमें घाटों पर निगरानी रखने के साथ बजरी परिवहन में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध वाहनों की चेकिंग भी कर रही हैं। वरिष्ठ अधिकारी संभाल रहे अभियान की निगरानी अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और एडीएफ बाड़ी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रवण कुमार झोरड़ कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि चम्बल बजरी के अवैध खनन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

