वाराणसी में युवा-परिषद का CEC के समर्थन में न्याय-मार्च:Gen Z उतरे सड़कों पर, बोले – आतंकवादियों, नक्सलियों और देशद्रोहियों से मिली है CJP

वाराणसी में युवा-परिषद का CEC के समर्थन में न्याय-मार्च:Gen Z उतरे सड़कों पर, बोले – आतंकवादियों, नक्सलियों और देशद्रोहियों से मिली है CJP

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा दिल्ली में प्रदर्शन के एलान के बाद देशभर से युवा उन्हे समर्थन दे रहे हैं। वहीं वाराणसी कॉकरोचों के कथित देश विरोधी कृत्यों और अराजकता फैलाने की कोशिशों के खिलाफ युवा परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। एक तरफ जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर चुनाव आयोग (ECI) को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में युवा परिषद ने चुनाव आयोग के समर्थन में ‘न्याय मार्च’ निकालकर विपक्ष की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यह मार्च सुभाष मंदिर से शुरू होकर मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार तक निकाला गया, जिसमें भारी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। दलित बेटियों ने अभिजीत दीपके को घेरा
युवा परिषद का नेतृत्व कर रहीं दो दलित युवा नेताओं खुशी रमन भारतवंशी और प्रज्ञा परमिता महारी ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके को सीधे तौर पर खुली चुनौती दी है। उन्होंने दीपके की जीवनशैली और विरोध प्रदर्शनों पर तीखे सवाल दागते हुए पूछा, “तुम्हारे पास इतना पैसा कहां से आ रहा है कि फाइव स्टार होटलों में मुजरा देखा जा रहा है, पिज्जा-बर्गर की पार्टियां हो रही हैं और शराब परोसी जा रही है? विदेश से तुम्हें कौन लोग फंडिंग कर रहे हैं?” खुशी रमन भारतवंशी ने आरोप लगाया कि विपक्ष और CJP के लोग आतंकवादियों, नक्सलियों और देशद्रोहियों से मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कॉकरोच ने आज तक किसी आतंकवादी के खिलाफ आवाज नहीं उठाई क्योंकि वो डरपोक और कायर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूजनीय माता जी को गाली दिलवाई गयी। देश का Gen Z (नई पीढ़ी) अब तुम्हारे इस रवैये के सख्त खिलाफ है। बेहतर होगा कि तुम जल्द से जल्द देश छोड़कर भाग जाओ। सभी पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून NSA
न्याय मार्च के दौरान युवा परिषद के कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखने को मिला। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी नेताओं के खिलाफ तीखे नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान ‘आतंकियों की कमर तोड़ दो, कॉकरोचों अब देश छोड़ दो’, ‘राहुल-प्रियंका इस्तीफा दो’, और ‘जॉर्ज सोरोस और राहुल के रिश्तों की जांच हो’ जैसे नारे हवा में गूंजते रहे। युवाओं ने मांग की कि देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले इन तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका/NSA) लगाया जाए। बीएचयू चेयरपर्सन का तीखा हमला
युवा परिषद, बीएचयू (BHU) की चेयरपर्सन जीनत रहमान ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्हें आईना दिखाया। जीनत रहमान ने कहा, अगर राहुल गांधी को लगता है कि चुनाव में वोट चोरी हुआ है। तो सबसे पहले उन्हें और प्रियंका गांधी को अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही राहुल गांधी को तमिलनाडु, तेलंगाना, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और केरल की सरकारों से भी इस्तीफा दिलाना चाहिए। जहां विपक्ष की सरकारें हैं। इसके बाद ही उन्हें चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार होगा। कांग्रेस की नीतियों पर जमकर प्रहार
मार्च के समापन पर युवा परिषद के वरिष्ठ नेता डॉ एपी सिंह ने कांग्रेस की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाना चाहती है और इसके लिए वह किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। डॉ सिंह ने कहा यह वही कांग्रेस है जिसके शासनकाल में बैलेट पेपर लूटे जाते थे और बोगस वोटिंग कराई जाती थी। आज जब पारदर्शी व्यवस्था है, तो कभी ये ईवीएम (EVM) पर दोष मढ़ते हैं, कभी चुनाव आयोग पर तो कभी ज्ञानेश कुमार पर। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की असली छटपटाहट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने की है, क्योंकि मोदी सरकार ने इनके हजारों करोड़ रुपये की लूट और विदेशों से आने वाले अवैध फंड के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। अब ये विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।

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