कोटा में रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हुए संविदाकर्मी अखिलेश मीणा ने ट्रैप होने से पहले परिवादी से कहा था- अब तुमको दिक्कत नहीं आएगी। इससे पहले शिकायत सत्यापन के दौरान परिवादी ने रिश्वत की रकम कम करने के लिए कहा तो अखिलेश ने कहा 10 तो देने ही पड़ेंगे। इसके बाद तुमको कोई दिक्कत नहीं आएगी। कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने 5 अक्टूबर को नगर निगम के संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। वहीं, दूसरा संविदाकर्मी नरेश वर्मा ट्रैप की भनक लगते ही मौके से फरार हो गया था। अखिलेश अपने भाई के डॉक्यूमेंट पर निगम में काम कर रहा था। सैलरी भी अखिलेश के भाई के अकाउंट में क्रेडिट होती थी। किश्त डलवाने में बहुत मेहनत की है शिकायत के अनुसार संविदाकर्मी अखिलेश मीणा परिवादी के घर गया। वहां कमरे का निर्माण करवाए जाने वाली जगह का फोटो खींचकर ले गया। बाद में अखिलेश ने परिवादी को फोन किया और कहा कि आपके खाते में पहले किश्त डल गई है। तुम्हारे प्लॉट पर जाकर फोटो खींचने और किश्त डलवाने में बहुत मेहनत की है। इसलिए तुम मुझे मेरे कार्यालय में आकर 10 हजार दो, नहीं तो तुम्हारे आगे की किश्त नहीं डलेगी। आगे का काम भी मैं करूंगा इसके बाद दूसरे संविदा कर्मी नरेश वर्मा ने भी परिवादी के फोन किया और कहा तुम्हारा काम हो गया है। आगे का काम भी मैं करूंगा। कुछ इनाम आदि बनता है। तुम ऑफिस आकर बात करना। शिकायत सत्यापन के दौरान नरेश वर्मा व अखिलेश मीणा से मिलने परिवादी निगम गया। दोनों ऑफिस में नहीं मिले। इसके बाद परिवादी ने नरेश वर्मा के फोन लगाया तो नरेश वर्मा ने बोरखेड़ा तुलसी रिसोर्ट मानपुरा की तरफ होने की बात कही। परिवादी को वहां बुलाया। नरेश के कहने पर परिवादी तुलसी रिसोर्ट मानपुरा की तरफ रवाना हो गया। बीच में दोनों की मुलाकात हुई। 10 हजार की मांगी थी रिश्वत नरेश ने संविदाकर्मी अखिलेश से फोन पर स्पीकर ऑन करके बात की। नरेश ने अखिलेश से कहा परिवादी से अगली किश्त पर 5 हजार से ज्यादा मत लेना। कुछ देर बाद अखिलेश ने परिवादी के फोन किया और नगर निगम में बुलाया। परिवादी नगर निगम पहुंचा। अखिलेश स्कूटी पर सवार होकर आया। पहली किश्त की फाइल कंप्लीट करने की एवज में 10 हजार की रिश्वत मांगी। 10 तो देने पड़ेंगे, तुमको दिक्कत नहीं आएगी परिवादी ने रकम कम करने की कहा तो अखिलेश ने कहा -10 तो देने ही पड़ेंगे इसके बाद तुमको कोई दिक्कत नहीं आएगी। ट्रैप वाले दिन 5 अक्टूबर को रिश्वत लेने के बाद संविदाकर्मी अखिलेश ने परिवादी से कहा था। अब तुमको दिक्कत नहीं आएगी। थोड़ी देर बाद एसीबी ने संविदाकर्मी को पकड़ लिया। इन खबरों को भी पढ़िए… कोटा निगम में घूस लेते संविदाकर्मी गिरफ्तार, दूसरा फरार:प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त जारी करने के लिए मांगी रिश्वत कोटा नगर निगम का संविदाकर्मी रिश्वत लेते हुआ था ट्रैप:अपने भाई के डॉक्यूमेंट से कर रहा था काम,10 हजार लेते पकड़ा था; आरोपी को भेजा जेल

