Bemetara Sports Stadium: बेमेतरा का करीब सात साल पुराना प्रमुख खेल स्टेडियम रखरखाव के अभाव और गैर-खेल गतिविधियों के चलते बदहाल हो गया है। अब तक स्टेडियम पर 7 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, इसके बावजूद खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सफाई के लिए पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं, जिम के उपकरण खराब पड़े हैं और बैडमिंटन कोर्ट में पर्याप्त रोशनी नहीं है।
जिम में उपकरण, कोर्ट में अंधेरा
जिम के कई उपकरण रखरखाव के अभाव में खराब और जंग लगे हैं। ट्रेनर की व्यवस्था नहीं होने से उपलब्ध उपकरणों का भी नियमित उपयोग नहीं हो पा रहा है। शाम के समय बैडमिंटन खिलाड़ियों को कोर्ट के बीच पर्याप्त रोशनी नहीं मिलने से अभ्यास में परेशानी होती है। खिलाडिय़ों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
स्टेडियम के रखरखाव और जिम्मेदारी को लेकर पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका के बीच भी समन्वय का अभाव बताया जा रहा है। खिलाड़ियों ने रनिंग ट्रैक की मरम्मत, कोर्ट में रोशनी और नियमित रखरखाव की मांग की है।
ट्रैक पर ट्रक चले, सतह उखड़ी
करीब तीन साल पहले पंचायत ने 11 लाख रुपए की लागत से रनिंग ट्रैक तैयार कराया था। लगातार आयोजनों के दौरान भारी वाहनों और ट्रकों की आवाजाही से ट्रैक जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। मैदान में गहरे गड्ढे भी हो गए हैं। इससे खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। नगर पालिका के सीएमओ नरेश कुमार वर्मा ने बताया कि एक आयोजन के दौरान भारी वाहनों और चार पहिया वाहनों की आवाजाही तथा जीरा गिट्टी लाए जाने से ट्रैक को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्सों की जांच कराकर जल्द मरम्मत कराई जाएगी।
खेल से ज्यादा दूसरे आयोजनों में इस्तेमाल
स्टेडियम का उपयोग खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अलावा मवेशी शेड, सामूहिक विवाह, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा धान खरीदी-भंडारण जैसे कार्यों के लिए भी किया गया। इससे मैदान और ट्रैक की स्थिति प्रभावित हुई है।

