‘जब मेरा अपेंडिक्स फटा था नाना पाटेकर लेकर भागे थे हॉस्पिटल’, विक्की कौशल के पिता शाम कौशल ने किया खुलासा

‘जब मेरा अपेंडिक्स फटा था नाना पाटेकर लेकर भागे थे हॉस्पिटल’, विक्की कौशल के पिता शाम कौशल ने किया खुलासा

Sham Kaushal On Nana Patekar Death: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) का 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। गुरुवार शाम पुणे के पास खड़कवासला स्थित उनके डोंजे फार्महाउस पर सलमान खान, शाम कौशल और कई गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में उनका पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटे ‘अन्ना’ को पुलिस बल ने बंदूक की सलामी देकर अंतिम विदाई दी।

नाना पाटेकर को लेकर इमोशनल हुए शाम कौशल

नाना पाटेकर के निधन से जहां पूरा देश स्तब्ध है, वहीं बॉलीवुड के वरिष्ठ एक्शन डायरेक्टर और विक्की कौशल के पिता शाम कौशल (Sham Kaushal) के लिए यह क्षति बेहद व्यक्तिगत और दर्दनाक है। News18 से शाम कौशल ने खास बातचीत की। इस दौरान शाम कौशल अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सके। उन्होंने नाना पाटेकर के साथ अपने 36 साल पुराने रिश्ते, बीमारी के दिनों में उनकी मदद और उनके अनुशासित जीवन को लेकर खुलासे किए।

‘अस्पताल में ढाल बनकर खड़े रहे थे नाना पाटेकर’- शाम कौशल

शाम कौशल ने बताया कि नाना पाटेकर ही वह शख्स थे जिन्होंने उन्हें बतौर एक्शन डायरेक्टर साल 1991 की फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में पहला बड़ा ब्रेक दिया था। अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल पलों को याद करते हुए शाम कौशल ने बताया, “1998 में जब मेरा अपेंडिक्स फट गया था, तो नाना भाऊ ही मुझे अपनी गाड़ी में बैठाकर नानावटी अस्पताल ले गए थे। वे खुद मुझे व्हीलचेयर पर लेकर इमरजेंसी की तरफ भाग रहे थे। इसके बाद 2003 में जब मुझे कैंसर का पता चला और नानावटी में मेरी सर्जरी हुई, तो जब तक मुझे होश नहीं आया, वे OT (ऑपरेशन थिएटर) के बाहर मेरे परिवार के साथ खड़े रहे। जैसे ही उन्हें मेरी बीमारी का पता चला था, वे पुणे से सीधे मुंबई गाड़ी चलाकर पहुंचे थे। उन्होंने मेरे लिए जो किया, मैं उसका कर्ज जिंदगी भर नहीं चुका सकता।”

“विक्की और सनी के लिए पिता जैसे थे ‘नाना जी’”

शाम कौशल ने आगे बताया कि नाना पाटेकर केवल उनके बड़े भाई नहीं थे, बल्कि उनके बेटों- विक्की कौशल (Vicky Kaushal) और सनी कौशल (Sunny Kaushal) के लिए पिता समान थे। उन्होंने कहा, “जब से विक्की और सनी ने घुटनों के बल चलना सीखा था, तब से नाना जी हमारे घर आते-जाते थे। उन्होंने बच्चों को अपने सामने बड़ा होते देखा था। वह दोनों बच्चों से बेइंतहा प्यार करते थे और विक्की-सनी भी उन्हें अपने पिता की तरह मानते थे।”

21 सितंबर को नाना पाटेकर के साथ खाया था खाना

शाम कौशल ने बताया कि वह 8 अक्टूबर की देर रात करीब 2:30 बजे पुणे में अंतिम संस्कार के बाद मुंबई लौटे हैं, लेकिन उनका मन इस कड़वे सच को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “21 सितंबर को हम आखिरी बार मिले थे। हमने साथ में लंच किया था। पिछले 27-28 सालों से वह मुंबई में गणपति बैठाते थे और मैं पूरा समय उनके साथ बिताता था। जब 5 साल पहले उन्होंने गणपति उत्सव पुणे शिफ्ट किया, तब भी मैंने कोविड के दौरान भी जाना मिस नहीं किया। जिस जगह 21 सितंबर को गणपति की सजावट हो रही थी, कल उसी जगह उनका पार्थिव शरीर रखा हुआ था। मैं उन्हें देखकर फूट-फूटकर रोता रहा।”

“इतने डिसिप्लिन्ड इंसान को कैसे आया कार्डियक अरेस्ट?”

शाम कौशल ने नाना पाटेकर की फिटनेस और अनुशासन को याद करते हुए कहा कि वह हमेशा बिल्कुल फिट रहते थे और अपने घर में बने जिम में हर रोज एक्सरसाइज करते थे। उन्होंने कहा, “तबीयत उनकी फर्स्ट क्लास थी। वह बेहद अनुशासित जीवन जीते थे और हर किसी को फिट रहने की सलाह देते थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वे इस तरह अचानक हमें छोड़कर चले जाएंगे। अगर इतने फिट और डिसिप्लिन्ड इंसान के साथ ऐसा हो सकता है, तो जिंदगी का कोई भरोसा नहीं। उनके जाने से मेरी जिंदगी में एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।”

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