रामपुर मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर कल्याणपुर के जंगल में बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि हुई बारिश और ओलावृष्टि ने धान की पकी फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे दैनिक भास्कर संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर किसानों के खेतों का जायजा लिया। कई खेतों में बारिश का पानी भरा मिला, जबकि पकी धान की फसल पर पानी बहता दिखाई दिया। कुछ खेतों में पक चुकी फसल दोबारा उगने लगी है और उसमें कल्ले निकल आए हैं। किसान महेंद्र ने बताया कि धान की फसल अब समझो खत्म हो गई। किसानों का कहना है कि पिछली बारिश का पानी अभी खेतों से निकल भी नहीं पाया था कि दोबारा बारिश और ओलावृष्टि हो गई। इससे खेतों में पानी भर गया और तैयार फसल जमीन पर गिरने के साथ खराब होने लगी। कुछ किसानों ने खेत से फसल निकालकर सड़क किनारे सुखाने की कोशिश की, लेकिन वहां भी धान के दाने से पौधे निकलने लगे हैं। किसानों ने बताया कि नुकसान के आकलन के लिए अभी तक कोई अधिकारी या कर्मचारी उनके खेतों पर नहीं पहुंचा है। हालांकि पांच दिन पहले सद्भावना मंडप में किसानों को संबोधित करते हुए कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा था कि धान की फसल के नुकसान का अधिकारी-कर्मचारी आकलन करेंगे और 24 घंटे के भीतर किसानों के खाते में मुआवजा पहुंचाया जाएगा। कुछ किसानों को राहत मिलने की बात कही थी, अधिकांश किसानों का कहना था कि उनके खेतों की जांच अभी तक नहीं हुई है। कल्याणपुर के जंगल में महेंद्र पाल के 2 एकड़, राकेश बाबू के 1 एकड़, पोती राम के 2 एकड़, जसमांत के 4 एकड़ और चरण सिंह के 3 एकड़ खेत प्रभावित बताए गए। शहजादनगर क्षेत्र के प्रमोद के 3 बीघा, प्रशांत के 3 बीघा, गंजताम के 3 बीघा, अशर्फी के 5 बीघा, सोहन लाल के 3 बीघा, रामकरन के 18 बीघा और भूप सिंह के 6 बीघा फसल खराब हुई। कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने कहा है कि नुकसान आकलन रिपोर्ट तैयार हो रही है बहुत सारे किसानों के खाते में पैसा भिजवाया गया है प्रक्रिया अभी जारी है।

