चित्तौड़गढ़ में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने संयुक्त रूप से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत शहर में रैली निकाली। सुभाष चौक से किला रोड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पैदल मार्च निकाला। मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोप में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर देशभर में करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जिले से लेकर ब्लॉक और मंडल स्तर तक जारी रहेगा। कांग्रेस बोली- SIR की आड़ में करोड़ों मतदाताओं के नाम काटे जा रहे प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। नेताओं ने दावा किया कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस का आरोप- मतदान के अधिकार पर असर पड़ा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया से लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ा है और कई राज्यों में इसका सीधा राजनीतिक फायदा भाजपा को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। नेताओं ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि लोकतंत्र का नुकसान है। बिहार से महाराष्ट्र तक कई राज्यों का लिया नाम कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में भी मतदाता सूची को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था की तरह काम करने के बजाय सरकार के दबाव में फैसले ले रहा है। नेताओं ने कहा कि इससे आम लोगों का चुनाव आयोग पर भरोसा कमजोर हुआ है। राष्ट्रपति से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना था कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत निष्पक्ष चुनाव है और यदि मतदाता सूची पर ही सवाल उठने लगें तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है। राहुल-प्रियंका को हिरासत में लेने का भी विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने की घटना का भी विरोध किया। नेताओं ने कहा कि दोनों नेता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। ‘काला दिवस’ मनाकर आंदोलन तेज की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में भी मनाया। जिला कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अहसान पठान ने बताया कि यह आंदोलन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में ब्लॉक और मंडल स्तर पर भी इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सभी दल मिलकर मतदाता सूची के मुद्दे को जनता के बीच ले जाएंगे। कार्यक्रम में प्रदेश सचिव रंजना शर्मा, वरिष्ठ नेता करण सिंह सांखला, उपाध्यक्ष उत्सव भाणावत, पृथ्वीराज गुर्जर, अजय लोट, प्रवक्ता दिनेश गुर्जर, गणपत पुरी, महासचिव धर्मेंद्र मुंद्रड़ा, शिल्पन साहू, हीरालाल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

