श्रावस्ती में सुरक्षा एवं प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 62वीं वाहिनी मुख्यालय भिनगा में कस्टम विभाग के 47 इंस्पेक्टरों का 10 दिवसीय वेपन ड्रिल एवं शारीरिक प्रशिक्षण चल रहा है। गुरुवार को प्रशिक्षण का तीसरा दिन रहा। सुबह 10 बजे के बाद आयोजित सत्र में प्रतिभागियों को हथियार संचालन के साथ शारीरिक दक्षता, अनुशासन और ड्यूटी के दौरान सतर्कता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान कस्टम इंस्पेक्टरों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न शारीरिक और व्यावहारिक गतिविधियां कराई जा रही हैं। सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं और ड्यूटी के दौरान आवश्यक सावधानियों की जानकारी देने के साथ उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में तत्पर रहने के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। एसएसबी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को वेपन ड्रिल के साथ शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) कराया जा रहा है। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं, जरूरी सावधानियों और त्वरित प्रतिक्रिया से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षकों की ओर से प्रतिभागियों को परिस्थितियों के अनुसार तत्परता बनाए रखने और चुनौतीपूर्ण स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण को व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न शारीरिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों की क्षमता लगातार विकसित की जा रही है। शारीरिक दक्षता और आत्मविश्वास बढ़ाना मुख्य उद्देश्य 10 दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कस्टम विभाग के इंस्पेक्टरों की शारीरिक दक्षता, अनुशासन, आत्मविश्वास और कार्यकुशलता में वृद्धि करना है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में बेहतर निर्णय लेने और तेजी से प्रतिक्रिया करने की क्षमता को मजबूत किया जा रहा है। प्रतिभागियों को सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं का प्रभावी ढंग से पालन करने और ड्यूटी के दौरान सतर्कता बनाए रखने के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे सीमा क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाने के दौरान उनकी कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर भी जोर एसएसबी की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण के माध्यम से सुरक्षा एवं प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सामंजस्य स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों की दक्षता बढ़ने से ड्यूटी के दौरान आपसी सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के आगामी दिनों में भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। 10 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान हथियार संचालन, शारीरिक दक्षता, अनुशासन, सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से जुड़े पहलुओं पर प्रशिक्षण जारी रहेगा।

