दुष्कर्म के मुकदमे में बचने के लिए कथित तौर पर फर्जी आर्य विवाह प्रमाणपत्र तैयार कर उसे कोर्ट में पेश करने का आरोप लगा है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी व्यक्ति समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के मुताबिक, महिला ने एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद रिमांड की कार्रवाई के दौरान उसकी ओर से 2 मई 2022 का कथित आर्य विवाह प्रमाणपत्र कोर्ट में पेश किया गया। विवेचना के दौरान महिला को इसकी जानकारी हुई तो उसने न्यायालय की पत्रावली में प्रमाणपत्र की प्रति देखी।
महिला का आरोप है कि उसने आरोपी से कभी विवाह नहीं किया। 2 मई 2022 को वह अलीगढ़-दिल्ली रोड स्थित अपने कार्यस्थल पर ड्यूटी पर थी। आरोप है कि नौकरी के दौरान इस्तेमाल किए गए उसके दस्तावेज और फोटो का दुरुपयोग कर कथित फर्जी विवाह प्रमाणपत्र तैयार कराया गया। यही प्रमाणपत्र खैर तहसीलदार न्यायालय में चल रहे दो मामलों में भी वास्तविक दस्तावेज बताकर पेश किए जाने का आरोप है।
शिकायत में आरोपी के चार परिजन और आर्य समाज संस्था से जुड़े दो पदाधिकारियों पर भी कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। महिला ने प्रमाणपत्र को फर्जी बताते हुए आर्य समाज प्रतिनिधि सभा, लखनऊ की ओर से जारी पत्र का भी हवाला दिया है।
महिला का कहना है कि फर्जी प्रमाणपत्र के कारण उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। हरदुआगंज पुलिस ने शिकायत के आधार पर सातों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दस्तावेजों और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

