राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछले नगर निकाय चुनावों के दौरान पुलिस और प्रशासन के ज़रिए दबाव बनाया था। उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो सत्ताधारी पार्टी को पूरी तरह हार का सामना करना पड़ता। ANI से बात करते हुए रंधावा ने आरोप लगाया कि राज्य में नौकरशाहों और प्रशासन ने खुलकर BJP का समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने पंचायती राज चुनावों से पहले ज़मीनी स्तर पर लोकतंत्र के कामकाज को लेकर चिंता जताई। रंधावा ने कहा कि पहले हुए नगर निकाय चुनावों में देखिए कि हमारा वोट शेयर कितना ज़्यादा था। और अगर उन्होंने पुलिस या प्रशासन के ज़रिए दबाव नहीं बनाया होता, तो BJP का पूरी तरह से सफाया हो जाता। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि राजस्थान में सरकार और प्रशासन की तरफ से नौकरशाहों ने खुलकर BJP की मदद की है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
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रंधावा ने आगे आरोप लगाया कि BJP स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है और कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेगी जिससे लोगों के वोटिंग अधिकारों पर असर पड़े। उन्होंने कहा कि ज़मीनी स्तर का लोकतंत्र, जहाँ पंचायतों को न्याय करने वाला माना जाता है – वे उसी व्यवस्था को खत्म कर रहे हैं जहाँ लोग अपने प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और अपने फैसले खुद लेते हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा। रंधावा ने कहा BJP ने इस लोकतंत्र को खत्म करने का मन बना लिया है, लेकिन देश की जनता और कांग्रेस पार्टी ने भी यह ठान लिया है कि हमें मिली आज़ादी और वोटिंग अधिकारों को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। उनके ये बयान राजस्थान में चार चरणों में होने वाले पंचायती राज चुनावों से पहले आए हैं। राज्य चुनाव आयोग ने ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए वोटिंग 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को तय की है, जबकि पंच और सरपंच पदों के लिए वोटिंग 25 अक्टूबर से शुरू होकर चार चरणों में होगी। इसमें चार करोड़ से ज़्यादा वोटर हिस्सा ले सकते हैं और राज्य भर में 45,384 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इससे पहले 4 अक्टूबर को कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि किसान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कामकाज से नाखुश हैं और पंचायत चुनावों में अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करेंगे।

