गिरिडीह | झारखंड मजदूर मोर्चा की जिला इकाई की बैठक सोमवार को आयोजित की गई। बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में मोर्चा ने सदर अस्पताल सहित जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत सफाईकर्मियों और आउटसोर्सिंग कर्मियों की गंभीर समस्याओं को उठाते हुए 7 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की घोषणा की है। मोर्चा का आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों का जुलाई से सितंबर तक तीन माह का वेतन बकाया है। साथ ही कर्मियों के वेतन से भविष्य निधि (पीएफ) की कटौती तो की जा रही है, लेकिन राशि उनके खातों में जमा नहीं कराई जा रही है। संगठन ने कहा कि कई कर्मचारी पिछले 10 से 12 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति पत्र तक नहीं दिया गया है। वेतन लंबित रहने और बोनस व न्यूनतम मजदूरी न मिलने से कर्मियों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इन ज्वलंत मुद्दों पर रणनीति तय करने के लिए 7 अक्टूबर को कर्मचारी भवन में बैठक बुलाई गई है। इसमें मोर्चा के प्रदेश सह राष्ट्रीय संगठन सचिव अशोक कुमार मुख्य रूप से शामिल होकर आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। गिरिडीह | झारखंड मजदूर मोर्चा की जिला इकाई की बैठक सोमवार को आयोजित की गई। बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में मोर्चा ने सदर अस्पताल सहित जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत सफाईकर्मियों और आउटसोर्सिंग कर्मियों की गंभीर समस्याओं को उठाते हुए 7 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की घोषणा की है। मोर्चा का आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों का जुलाई से सितंबर तक तीन माह का वेतन बकाया है। साथ ही कर्मियों के वेतन से भविष्य निधि (पीएफ) की कटौती तो की जा रही है, लेकिन राशि उनके खातों में जमा नहीं कराई जा रही है। संगठन ने कहा कि कई कर्मचारी पिछले 10 से 12 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति पत्र तक नहीं दिया गया है। वेतन लंबित रहने और बोनस व न्यूनतम मजदूरी न मिलने से कर्मियों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इन ज्वलंत मुद्दों पर रणनीति तय करने के लिए 7 अक्टूबर को कर्मचारी भवन में बैठक बुलाई गई है। इसमें मोर्चा के प्रदेश सह राष्ट्रीय संगठन सचिव अशोक कुमार मुख्य रूप से शामिल होकर आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे।

