Anupriya Patel ने 4,500 करोड़ रुपये के तीन Chemical Parks के लिए राज्यों और उद्योग को आमंत्रित किया

Anupriya Patel ने 4,500 करोड़ रुपये के तीन Chemical Parks के लिए राज्यों और उद्योग को आमंत्रित किया

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को राज्यों और उद्योग से कम से कम 4,500 करोड़ रुपये के निवेश वाले तीन रासायनिक पार्क बनाने की योजना में शामिल होने को आग्रह किया। उन्होंने घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और आयात कम करने की जरूरत भी बताई। रसायन और उर्वरक राज्यमंत्री पटेल ने नए उत्पाद और प्रौद्योगिकी में नवोन्मेषण के लिए शोध एवं विकास गतिविधियों में निवेश बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

उन्होंने घोषणा की कि रसायन और पेट्रोरासायन विभाग, उद्योग निकाय ‘फिक्की’ के साथ मिलकर, 22-24 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया केम 2026 के 14वें संस्करण का आयोजन करेगा। इंडिया केम 2026 के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि आने वाला कार्यक्रम इस क्षेत्र की क्षमताओं को दिखाने के साथ-साथ क्षेत्र के भविष्य में विकास की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, हम चर्चा कर सकते हैं और विचार-विमर्श कर सकते हैं कि अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हमें मिलकर क्या करने की ज़रूरत है।

पटेल ने कहा, रसायन और पेट्रोरासायन क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का एक बहुत अहम हिस्सा है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग एक प्रतिशत का योगदान देता है और इस क्षेत्र में बड़े पैमाने की उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई की भी बड़ी मौजूदगी है। मंत्री ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है, जिसका मौजूदा बाजार आकार 230 अरब डॉलर का है और वर्ष 2040 तक इसे एक हजार अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। मंत्री ने कहा कि सरकार एक ऐसा माहौल बनाकर रासायनिक क्षेत्र को बढ़ावा देना चाहती है जिसमें बुनियादी ढांचा भी शामिल हो।

पटेल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने भव्य रसायन नाम की एक योजना को मंज़ूरी दी है। यह योजना राज्यों को तीन खास नए रासायनिक पार्क बनाने में मदद करेगी, जिन्हें एक चुनौती प्रक्रिया के ज़रिये चुना जाएगा। इन तीन रासायनिक पार्कों को बनाने में कम से कम 4,500 करोड़ रुपये का कुल निवेश किया जाएगा।

इसमें आम बुनियादी ढांचा सुविधाओं और बुनियादी ज़रूरतों के लिए हर पार्क को 1,000 करोड़ रुपये का केन्द्रीय अनुदान दिया जायेगा। प्रस्ताव जमा करने की आखिरी तारीख 30 नवंबर है। बुनियादी ढांचे के अलावा, पटेल ने कहा कि शोध और विकासमें निवेश बढ़ाने की ज़रूरत है।

पटेल ने बताया कि वर्ष 2012 और वर्ष 2022 के बीच, शोध एवं विकास पर वैश्विक खर्च 38 अरब डॉलर से बढ़कर 71 अरब डॉलर हो गया है, और इसमें भारत का हिस्सा बहुत कम, यानी लगभग तीन प्रतिशत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *