इटावा की सहाना बेगम विद्युत सखी बनकर कर रहीं कमाई:घर-घर बिजली बिल जमा कर बदली आर्थिक स्थिति, महिलाओं के लिए बनीं मिसाल

इटावा की सहाना बेगम विद्युत सखी बनकर कर रहीं कमाई:घर-घर बिजली बिल जमा कर बदली आर्थिक स्थिति, महिलाओं के लिए बनीं मिसाल

इटावा में विद्युत सखी योजना महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का जरिया बन रही है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद जसवंतनगर तहसील क्षेत्र के ग्राम नीलोई की रहने वाली सहाना बेगम ने विद्युत सखी बनकर अपनी अलग पहचान बनाई है। अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार का कर रही भरण पोषण। सहाना बेगम विद्युत सखी के रूप में अपनी ग्राम पंचायत में घर-घर जाकर लोगों के बिजली बिल जमा करती हैं। योजना के तहत बिजली बिल जमा करने पर उन्हें बिल की रकम का एक प्रतिशत कमीशन मिलता है। इसी काम से उनकी आमदनी में लगातार बढ़ोतरी हुई है। सहाना बेगम के तीन बच्चे हैं और उनके पति प्राइवेट काम करते हैं। पहले वह घर पर रहकर घरेलू काम संभालती थीं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सिलाई और कढ़ाई का काम शुरू किया। इसके बाद विद्युत सखी योजना ने उनके जीवन में एक और बड़ा बदलाव ला दिया। इंटरव्यू पास कर बनीं विद्युत सखी सहाना को ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से विद्युत सखी योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत इंटरव्यू पास करने के बाद उन्होंने विद्युत सखी के रूप में काम शुरू किया और अपनी ही ग्राम पंचायत में लोगों के बिजली बिल जमा करने लगीं। सात हजार से बीस हजार आमदनी शुरुआत में सहाना बेगम को हर महीने करीब सात से आठ हजार रुपये की आमदनी होती थी। समय के साथ काम बढ़ा और अब उनकी मासिक आमदनी करीब 20 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और बच्चों की पढ़ाई में भी मदद मिल रही है। महिलाओं को मिला रोजगार सहाना बेगम का कहना है कि विद्युत सखी योजना ने महिलाओं को घर के काम के साथ रोजगार का अवसर दिया है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *