रायबरेली में उत्तराखंड में हो रही लगातार तेज बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना गंगा घाट पर जलस्तर तेजी से बढ़ने से घाट की सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। पानी शवदाह गृह तक पहुंच गया है, जिससे अंतिम संस्कार में भी परेशानी होने लगी है। वहीं डलमऊ गंगा घाट पर भी अलर्ट जारी किया गया है। गंगा का पानी बढ़ने से घाट पर जलीय जीवों के पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है। इसे देखते हुए मां गंगा गोकर्ण जन कल्याण सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं को लगातार सावधान किया जा रहा है। प्रशासन ने भी कटरी क्षेत्र में राजस्व कर्मचारियों की तैनाती कर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। सीढ़ियां डूबीं, शवदाह गृह तक पहुंचा पानी गोकना गंगा घाट पर जलस्तर बढ़ने से घाट का अधिकांश हिस्सा पानी में डूब गया है। स्नान के लिए बनी सीढ़ियां दिखाई नहीं दे रही हैं। पानी शवदाह गृह तक पहुंचने से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। घाट पर आने वाले लोगों को बढ़े जलस्तर के कारण सावधानी बरतनी पड़ रही है। जलीय जीवों का खतरा, लाउडस्पीकर से चेतावनी गंगा का बहाव बढ़ने के साथ जलीय जीवों के किनारे तक आने की आशंका जताई जा रही है। मां गंगा गोकर्ण जन कल्याण सेवा समिति के सदस्य जितेंद्र द्विवेदी ने लाउडस्पीकर से लोगों को चेतावनी दी। श्रद्धालुओं से गहरे पानी में नहीं जाने और जलीय जीवों से दूर रहने की अपील की जा रही है। डलमऊ घाट पर भी अलर्ट, प्रशासन सतर्क गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डलमऊ गंगा घाट पर भी अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। घाट और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कटरी क्षेत्र में 24 घंटे राजस्व कर्मचारियों की निगरानी बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने कटरी क्षेत्र में राजस्व कर्मचारियों की तैनाती की है। कर्मचारियों को 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने या बाढ़ जैसे हालात बनने पर तत्काल सूचना दी जा सके। प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे और गहरे पानी में जाने से बचने की अपील की है।

