पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकट में जिउतिया पर्व के दौरान एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। जिउतिया स्नान करने गई चार बच्चियों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया। वहीं प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए 24 घंटे के अंदर ही पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध करा दी। मिली जानकारी के अनुसार पहाड़पुर के बनकट गांव की चार बच्चियां जिउतिया पर्व को लेकर स्नान करने के लिए तालाब/गड्ढे में गई थीं। स्नान के दौरान गहरे पानी में चले जाने से चारों डूब गईं। तत्काल सहायता राशि देने का निर्देश दिया जब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली और उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक चारों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पहाड़पुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने तुरंत संज्ञान लिया। कुल 16 लाख रुपये की सहायता राशि दी डीएम ने आपदा प्रबंधन शाखा को तत्काल सहायता राशि देने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर अंचलाधिकारी ने मृतक बच्चियों के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किए जाने के तुरंत बाद ही सीओ द्वारा चारों पीड़ित परिवारों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कुल 16 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। सरकार की ओर से जो भी संभव सहायता है, वह तत्काल उपलब्ध कराई गई है, ताकि इस दुख की घड़ी में परिवारों को कुछ आर्थिक मदद मिल सके। उन्होंने लोगों से अपील भी की कि जिउतिया जैसे पर्वों पर स्नान के दौरान बच्चों का विशेष ध्यान रखें और गहरे पानी में न जाने दें। इधर 24 घंटे के अंदर मुआवजा मिलने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के इस त्वरित निर्णय की सराहना की है। पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकट में जिउतिया पर्व के दौरान एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। जिउतिया स्नान करने गई चार बच्चियों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया। वहीं प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए 24 घंटे के अंदर ही पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध करा दी। मिली जानकारी के अनुसार पहाड़पुर के बनकट गांव की चार बच्चियां जिउतिया पर्व को लेकर स्नान करने के लिए तालाब/गड्ढे में गई थीं। स्नान के दौरान गहरे पानी में चले जाने से चारों डूब गईं। तत्काल सहायता राशि देने का निर्देश दिया जब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली और उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक चारों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पहाड़पुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने तुरंत संज्ञान लिया। कुल 16 लाख रुपये की सहायता राशि दी डीएम ने आपदा प्रबंधन शाखा को तत्काल सहायता राशि देने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर अंचलाधिकारी ने मृतक बच्चियों के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किए जाने के तुरंत बाद ही सीओ द्वारा चारों पीड़ित परिवारों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कुल 16 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। सरकार की ओर से जो भी संभव सहायता है, वह तत्काल उपलब्ध कराई गई है, ताकि इस दुख की घड़ी में परिवारों को कुछ आर्थिक मदद मिल सके। उन्होंने लोगों से अपील भी की कि जिउतिया जैसे पर्वों पर स्नान के दौरान बच्चों का विशेष ध्यान रखें और गहरे पानी में न जाने दें। इधर 24 घंटे के अंदर मुआवजा मिलने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के इस त्वरित निर्णय की सराहना की है।

