संभल में जमीन बेचने के बाद उसी जमीन का बैनामा निरस्त करने का मुकदमा दायर करते हुए नामांतरण कराकर सांठ-गांठ कर 21 साल बाद लोन कर लिया। पीड़ित ग्रामीण न्यायालय का सहारा लिया। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौसी ने लेखपाल, तहसीलदार एवं पीएनबी बैंक कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की आदेश दिए। शुक्रवार की दोपहर 01:19 बजे रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामला थाना बबराला क्षेत्र के गांव शाहजहांनाबाद डांडा का है। शुक्रवार की रात 8 बजे थाना प्रभारी लवनेश कुमार ने बताया जावित्री देवी, उसके पति भूरे सिंह एवं बेटे सुनील निवासी गांव नौदेई, थाना नरौरा, तहसील डिवाइस जनपद बुलंदशहर, हल्का लेखपाल सुनील कुमार, तहसील, अन्य राजस्व कर्मी एवं पीएनबी बैंक, शाखा नरौरा के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। गांव शाहजहांनाबाद निवासी विशन सिंह पुत्र नत्थू सिंह का आरोप है कि जावित्री देवी ने 12 जुलाई 2004 को उसके और उसके तीन भाइयों के पक्ष में शाहजहांनाबाद सैलाब व शाहजहांनाबाद डांडा स्थित अपने हिस्से की जमीन का पंजीकृत बैनामा किया था। 30 अगस्त 2004 को नामांतरण भी हो गया। आरोप है कि वर्ष 2014 में जावित्री देवी ने बैनामा निरस्त कराने के लिए सिविल वाद दायर कर दिया, जो अब भी विचाराधीन है। एफआईआर के अनुसार, वाद लंबित होने के बावजूद वर्ष 2024 में दोबारा नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। आरोप है कि लेखपाल और तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर 09 जनवरी 2025 को जावित्री देवी का नाम दर्ज कर दिया गया। इसके बाद 05 अप्रैल 2025 को उसी विवादित जमीन पर पीएनबी शाखा नरौरा से ऋण लिए जाने और इसकी प्रविष्टि खतौनी में दर्ज होने का आरोप है। पीड़ित की आपत्ति के बाद एसडीएम गुन्नौर ने दोनों पक्षों को सुनकर 06 मार्च 2026 को पुनः शिकायतकर्ता के नाम दर्ज करने का आदेश पारित किया। इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। थानाध्यक्ष लवनीश चौधरी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

