बाढ़ में नहाने के दौरान 3 दोस्तों की मौत:मोतिहारी में अपने बर्थेड पर दोस्तों के साथ निकला था शकील, एक-दूसरे को बचाने में गई जान

बाढ़ में नहाने के दौरान 3 दोस्तों की मौत:मोतिहारी में अपने बर्थेड पर दोस्तों के साथ निकला था शकील, एक-दूसरे को बचाने में गई जान

मोतिहारी में जन्मदिन पर दोस्तों के साथ घूमने निकले शकील अंसारी की खुशियां कुछ ही देर में मातम में बदल गईं। शुक्रवार को वह पांच दोस्तों के साथ दो बाइक से बंजरिया के राजघाट पहुंचा था। यहां बाढ़ का पानी जमा था। शकील समेत तीन दोस्त नहाने के लिए पानी में उतर गए। इसी दौरान समीर अंसारी और यश कुमार गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को बचाने के लिए शकील भी गहरे पानी में चला गया। एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में तीनों गहरे पानी में डूब गए। घटना बंजरिया थाना के नए भवन के सामने राजघाट के पास हुई। करीब चार घंटे की तलाश के बाद तीनों के शव एक साथ मिले। स्थानीय लोगों के मुताबिक, तीनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। बाइक किनारे खड़ी की, कपड़े रखकर पानी में उतरे मृतकों की पहचान चैलाहा टाल निवासी नसीम अंसारी के 19 वर्षीय पुत्र समीर अंसारी, साहेब अंसारी के 18 वर्षीय पुत्र शकील अंसारी और विनोद प्रसाद के 17 वर्षीय पुत्र यश कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि शुक्रवार को शकील का जन्मदिन था। वह दोस्तों के साथ घूमने निकला था। छह युवक दो बाइक से राजघाट पहुंचे थे। वहां बाढ़ का पानी जमा देखकर तीनों युवक नहाने के लिए पानी में उतर गए। उन्होंने अपनी बाइक किनारे खड़ी कर दी और कपड़े भी वहीं रख दिए। नहाने के दौरान समीर और यश गहरे पानी में चले गए। दोनों को डूबता देखकर शकील उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा। एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में तीनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। गांव के गोताखोरों ने संभाला मोर्चा हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। गांव के गोताखोरों ने पानी में उतरकर तीनों की तलाश शुरू की। एसडीआरएफ को भी सूचना दी गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, टीम के पहुंचने में देरी होने के कारण गांव के गोताखोरों ने ही खोजबीन शुरू कर दी। करीब चार घंटे तक तलाश के बाद तीनों के शव एक साथ बरामद किए गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीनों दोस्त अक्सर साथ रहते थे। हादसे में भी तीनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। तीन युवकों के वहां से चले जाने की जांच सीओ कृष्ण प्रताप सिंह और थानाध्यक्ष निभा कुमारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन के अनुसार, छह युवक दो बाइक से राजघाट पहुंचे थे। इनमें से तीन युवक पानी में नहाने के लिए उतरे और हादसे में उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद वहां मौजूद तीन अन्य युवकों के चले जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वे तीनों कौन थे और हादसे के बाद मौके से क्यों चले गए। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बाढ़ प्रभावित बंजरिया में स्थायी एनडीआरएफ की मांग घटना के बाद बंजरिया में बाढ़ के पानी में डूबने की घटनाओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रखंड प्रमुख पप्पू यादव ने बंजरिया में एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती की मांग की है। उन्होंने कहा कि बंजरिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। यहां लंबे समय तक जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में बाढ़ के पानी में हादसों की आशंका बनी रहती है। प्रखंड में एनडीआरएफ की एक टीम स्थायी रूप से तैनात रहे तो आपदा की स्थिति में लोगों को तत्काल मदद मिल सकती है और जान बचाने के लिए राहत-बचाव दल के पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मोतिहारी में जन्मदिन पर दोस्तों के साथ घूमने निकले शकील अंसारी की खुशियां कुछ ही देर में मातम में बदल गईं। शुक्रवार को वह पांच दोस्तों के साथ दो बाइक से बंजरिया के राजघाट पहुंचा था। यहां बाढ़ का पानी जमा था। शकील समेत तीन दोस्त नहाने के लिए पानी में उतर गए। इसी दौरान समीर अंसारी और यश कुमार गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को बचाने के लिए शकील भी गहरे पानी में चला गया। एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में तीनों गहरे पानी में डूब गए। घटना बंजरिया थाना के नए भवन के सामने राजघाट के पास हुई। करीब चार घंटे की तलाश के बाद तीनों के शव एक साथ मिले। स्थानीय लोगों के मुताबिक, तीनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। बाइक किनारे खड़ी की, कपड़े रखकर पानी में उतरे मृतकों की पहचान चैलाहा टाल निवासी नसीम अंसारी के 19 वर्षीय पुत्र समीर अंसारी, साहेब अंसारी के 18 वर्षीय पुत्र शकील अंसारी और विनोद प्रसाद के 17 वर्षीय पुत्र यश कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि शुक्रवार को शकील का जन्मदिन था। वह दोस्तों के साथ घूमने निकला था। छह युवक दो बाइक से राजघाट पहुंचे थे। वहां बाढ़ का पानी जमा देखकर तीनों युवक नहाने के लिए पानी में उतर गए। उन्होंने अपनी बाइक किनारे खड़ी कर दी और कपड़े भी वहीं रख दिए। नहाने के दौरान समीर और यश गहरे पानी में चले गए। दोनों को डूबता देखकर शकील उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा। एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में तीनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। गांव के गोताखोरों ने संभाला मोर्चा हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। गांव के गोताखोरों ने पानी में उतरकर तीनों की तलाश शुरू की। एसडीआरएफ को भी सूचना दी गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, टीम के पहुंचने में देरी होने के कारण गांव के गोताखोरों ने ही खोजबीन शुरू कर दी। करीब चार घंटे तक तलाश के बाद तीनों के शव एक साथ बरामद किए गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीनों दोस्त अक्सर साथ रहते थे। हादसे में भी तीनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। तीन युवकों के वहां से चले जाने की जांच सीओ कृष्ण प्रताप सिंह और थानाध्यक्ष निभा कुमारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन के अनुसार, छह युवक दो बाइक से राजघाट पहुंचे थे। इनमें से तीन युवक पानी में नहाने के लिए उतरे और हादसे में उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद वहां मौजूद तीन अन्य युवकों के चले जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वे तीनों कौन थे और हादसे के बाद मौके से क्यों चले गए। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बाढ़ प्रभावित बंजरिया में स्थायी एनडीआरएफ की मांग घटना के बाद बंजरिया में बाढ़ के पानी में डूबने की घटनाओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रखंड प्रमुख पप्पू यादव ने बंजरिया में एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती की मांग की है। उन्होंने कहा कि बंजरिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। यहां लंबे समय तक जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में बाढ़ के पानी में हादसों की आशंका बनी रहती है। प्रखंड में एनडीआरएफ की एक टीम स्थायी रूप से तैनात रहे तो आपदा की स्थिति में लोगों को तत्काल मदद मिल सकती है और जान बचाने के लिए राहत-बचाव दल के पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।  

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