इंदौर में शुक्रवार को राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल ने प्रेस क्लब के चाय पर चर्चा कार्यक्रम में पत्रकारों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद जैसे-जैसे गवर्नेंस सिस्टम को समझने का अवसर मिल रहा है, वैसे-वैसे उनकी प्राथमिकताएं भी बदल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र और सरकारी स्कूल की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और उन्हें हर व्यक्ति तक पहुंचाने की रहेगी। बुनियादी सुविधाएं मजबूत करना प्राथमिकता अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी घर में कोई बीमार है और उसे अस्पताल ले जाने के लिए उचित साधन नहीं है, तो ऐसे में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की बात का कोई अर्थ नहीं रह जाता। इसलिए उनकी प्राथमिकता बुनियादी जरूरतों और सुविधाओं को बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी का एजेंडा व्यापक है, लेकिन अपने स्तर पर वे यह प्रयास करेंगे कि काम को आगे कैसे ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाषण कम और उपलब्धियां ज्यादा बताने का प्रयास करूंगा। छह महीने या एक साल बाद जब मिलें तो मैं यह बताना चाहूंगा कि इस दौरान क्या काम किया और क्या उपलब्धियां हासिल कीं। देश का युवा ढफली पर एक ही सुर में नहीं गाता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर अग्रवाल ने कहा कि देश का युवा कुछ लोगों की तरह नहीं है, जो ढफली पर एक ही सुर में गाना बजाकर उसी तरह की बातें करते रहें। उन्होंने कहा कि देश का युवा, प्रबुद्ध वर्ग और इंदौर संभाग का युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता के दम पर आगे बढ़ रहा है और देश के बड़े संस्थानों में भी योगदान दे रहा है। अग्रवाल ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी, खेल, इनोवेशन और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में युवा अपनी भूमिका निभा रहा है। धर्म और अध्यात्म से जुड़ने वाला भी यही युवा है। उनके मुताबिक युवाओं को लेकर समय-समय पर अलग-अलग नैरेटिव सामने आते रहते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि देश का युवा देश से जुड़ा हुआ है और अपनी क्षमता के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे रहा है। दलित और वंचित वर्ग के मुद्दे पर भी रखी बात दलित और वंचित वर्ग से जुड़े सवाल पर अग्रवाल ने सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निशुल्क राशन, पक्का मकान और पांच लाख रुपए तक का आयुष्मान स्वास्थ्य कवरेज जैसी योजनाओं के जरिए रोटी, मकान और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों के क्षेत्र में काम हुआ है। उन्होंने कहा कि एक समय यह नैरेटिव बनाने का प्रयास किया गया कि एक वर्ग सरकार से अछूता है, लेकिन अलग-अलग जातियों और समुदायों के लोगों ने भाजपा को वोट दिया है। उन्होंने माना कि कुछ जातियों और समुदायों में पार्टी को अपेक्षाकृत कम समर्थन मिलता होगा और उस दिशा में भी काम किया गया है। ‘पत्रकारिता ने समाज को देखने की दृष्टि दी’ अपने पत्रकारिता के अध्ययन और पांच वर्ष तक पार्टी प्रवक्ता के रूप में काम करने का उल्लेख करते हुए अग्रवाल ने कहा कि पत्रकारिता ने उन्हें समाज को देखने की दृष्टि दी। उनके अनुसार, पत्रकारिता ने समाज के अध्ययन और अलग-अलग विचारों को समझने की प्रवृत्ति विकसित की। उन्होंने कहा कि पत्रकार का अपना विचार अलग हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि परिवार या समाज में सभी लोगों के विचार एक जैसे हों। अलग-अलग विचारों को समझने की दृष्टि उनके लिए पत्रकारिता की सबसे बड़ी देन रही।

