जोधपुर में जोजरी, बांडी और लूणी नदी को प्रदूषित करने वाली तीन अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये कार्रवाई शहर के सूरसागर और प्रतापनगर थाना क्षेत्र में की गई है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि इन थाना क्षेत्र में अवैध रंगाई-छपाई की फैक्ट्री संचालित हो रही थी। इतना ही नहीं फैक्ट्री के बाहर नाला बनाकर सीवरेज के माध्यम से नदियों में प्रदूषित पानी को छोड़ा जा रहा था। सूरसागर थाना क्षेत्र में दो अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई डीसीपी वेस्ट कमल शेखावत ने बताया कि पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया के निर्देश में प्रदूषण फैलाने वाली अवैध यूनिट को लेकर अभ्यिान चलाया जा रहा है। इसी के तहत एडीपीसी प्रवीण सेन, एसीपी प्रतानगर नतिशा जाखड़ के सुपरविजन में सूरसागर थानाधिकारी हरीशचंद्र सोलंकी के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। इस दौरान सूचना मिलने पर एसआई चंद्रकिशोर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहां नगर निगम और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम को भी बुलाया। जांच में सामने आया कि रंगाई-छपाई की अवैध यूनिट से केमिकल वाला पानी नाली से सीवरेज में डालकर जोजरी में छोड़ा जा रहा था। इस दौरान यहां प्रदूषित पानी की सैंपलिंग भी करवाई। इस मामले में संचालक सोहिल और मोहम्मद सीमर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रंगाई-छपाई की फैक्ट्री पकड़ी, आरोपी गिरफ्तार इसी तरह प्रतापनगर थाना और वेस्ट डीएसटी टीम ने भी कार्रवाई करते हुए अवैध रंगाई छपाई की फैक्ट्री पकड़ी है। इस दौरान नगर निगम और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची और वहां से सामान जब्त किया। इस दौरान आरोपी मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार किया गया। डीसीपी ने बताया कि प्रतापनगर थानाधिकारी रामकृष्ण ताड़ा, डीएसटी इंचार्ज महादेव मौके पर पहुंची थी। यहां भी टीम जब मौके पर पहुंची तो रंगाई-छपाई का केमिकलयुक्त पानी नाली के जरिए सीवरेज में छोड़कर जोजरी को प्रदूषित किया जा रहा था। इस दौरान मौके से काफी बदबू भी आ रही थी। ऐसे में यहां से भी सैंपल लिए गए। उन्होंने बताया कि इस मामले में अवैध फैक्ट्री के संचालक मोहम्मद जावेद के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

