दरभंगा- जनाजा ले जाने के दौरान रास्ता रोकने का आरोप:SDPO बोले- रास्ता निजी था, वैकल्पिक मार्ग से कब्रिस्तान पहुंचाया; स्थायी रास्ते की व्यवस्था होगी

दरभंगा- जनाजा ले जाने के दौरान रास्ता रोकने का आरोप:SDPO बोले- रास्ता निजी था, वैकल्पिक मार्ग से कब्रिस्तान पहुंचाया; स्थायी रास्ते की व्यवस्था होगी

दरभंगा के सोनकी थाना क्षेत्र के मेकना बेदा गांव में कब्रिस्तान जाने के रास्ते को लेकर विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जनाजे को कब्रिस्तान ले जाने के लिए रास्ता नहीं दिया जा रहा था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जिस रास्ते को लेकर विवाद हुआ, वह सरकारी रास्ता नहीं बल्कि निजी रास्ता था। मामले को लेकर सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि घटना 29 सितंबर की है। मेकना बेदा गांव के रहने वाले मो आरिफ 57 वर्ष की मौत के बाद उनके जनाजे को कब्रिस्तान ले जाना था। ग्रामीणों के अनुसार, पहले जिस रास्ते से जनाजा कब्रिस्तान तक ले जाया जाता था, उस रास्ते पर बाद में कुछ घर और मंदिर का निर्माण हो जाने के कारण आवागमन की स्थिति बदल गई। रास्ता रोकने का आरोप, प्रशासन ने निकाला वैकल्पिक मार्ग वायरल वीडियो में कुछ लोगों की ओर से रास्ता नहीं दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनने की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे।
एसडीपीओ के अनुसार, मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तत्काल वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की गई। इसी रास्ते से जनाजे को कब्रिस्तान तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि प्रशासन की मौजूदगी में जनाजा शांतिपूर्वक कब्रिस्तान तक पहुंच गया और इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। SDPO बोले- सरकारी रास्ता नहीं था सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने स्पष्ट किया कि जिस रास्ते को लेकर विवाद सामने आया, वह सरकारी रास्ता नहीं था। उन्होंने कहा कि रास्ते को लेकर स्थानीय स्तर पर स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद प्रशासन का प्रयास है कि भविष्य में जनाजे को कब्रिस्तान तक ले जाने में इस तरह की परेशानी दोबारा नहीं हो। इसके लिए सदर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन के स्तर से कब्रिस्तान तक जाने के लिए स्थायी रास्ते की व्यवस्था कराने की प्रक्रिया की जाएगी। वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद मामला व्यापक चर्चा में आ गया। कई सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को शेयर करते हुए रास्ता रोकने के आरोप पर आपत्ति जता रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों और मौके की प्रशासनिक स्थिति के बीच अंतर है। पुलिस के अनुसार विवाद सरकारी रास्ते को लेकर नहीं, बल्कि निजी रास्ते के इस्तेमाल को लेकर था। प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों के बीच विवाद को बढ़ने से रोकते हुए तत्काल वैकल्पिक रास्ते से जनाजा कब्रिस्तान तक पहुंचाया गया। दरभंगा के सोनकी थाना क्षेत्र के मेकना बेदा गांव में कब्रिस्तान जाने के रास्ते को लेकर विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जनाजे को कब्रिस्तान ले जाने के लिए रास्ता नहीं दिया जा रहा था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जिस रास्ते को लेकर विवाद हुआ, वह सरकारी रास्ता नहीं बल्कि निजी रास्ता था। मामले को लेकर सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि घटना 29 सितंबर की है। मेकना बेदा गांव के रहने वाले मो आरिफ 57 वर्ष की मौत के बाद उनके जनाजे को कब्रिस्तान ले जाना था। ग्रामीणों के अनुसार, पहले जिस रास्ते से जनाजा कब्रिस्तान तक ले जाया जाता था, उस रास्ते पर बाद में कुछ घर और मंदिर का निर्माण हो जाने के कारण आवागमन की स्थिति बदल गई। रास्ता रोकने का आरोप, प्रशासन ने निकाला वैकल्पिक मार्ग वायरल वीडियो में कुछ लोगों की ओर से रास्ता नहीं दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनने की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे।
एसडीपीओ के अनुसार, मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तत्काल वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की गई। इसी रास्ते से जनाजे को कब्रिस्तान तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि प्रशासन की मौजूदगी में जनाजा शांतिपूर्वक कब्रिस्तान तक पहुंच गया और इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। SDPO बोले- सरकारी रास्ता नहीं था सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने स्पष्ट किया कि जिस रास्ते को लेकर विवाद सामने आया, वह सरकारी रास्ता नहीं था। उन्होंने कहा कि रास्ते को लेकर स्थानीय स्तर पर स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद प्रशासन का प्रयास है कि भविष्य में जनाजे को कब्रिस्तान तक ले जाने में इस तरह की परेशानी दोबारा नहीं हो। इसके लिए सदर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन के स्तर से कब्रिस्तान तक जाने के लिए स्थायी रास्ते की व्यवस्था कराने की प्रक्रिया की जाएगी। वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद मामला व्यापक चर्चा में आ गया। कई सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को शेयर करते हुए रास्ता रोकने के आरोप पर आपत्ति जता रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों और मौके की प्रशासनिक स्थिति के बीच अंतर है। पुलिस के अनुसार विवाद सरकारी रास्ते को लेकर नहीं, बल्कि निजी रास्ते के इस्तेमाल को लेकर था। प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों के बीच विवाद को बढ़ने से रोकते हुए तत्काल वैकल्पिक रास्ते से जनाजा कब्रिस्तान तक पहुंचाया गया।  

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