खगड़िया में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। पिछले आठ घंटे के जलस्तर की रिपोर्ट के अनुसार कोसी और बागमती नदी के जलस्तर में कमी आई है, जबकि गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंगा और बूढ़ी गंडक का पानी फिलहाल खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। हालांकि, जिले के सभी तटबंध और संबंधित संरचनाएं सुरक्षित हैं। प्रशासन ने वर्तमान स्थिति को सामान्य और नियंत्रण में बताया है। लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने बताया कि पिछले आठ घंटे में कोसी नदी के जलस्तर में 0.08 मीटर (8 सेंटीमीटर) और बागमती नदी के जलस्तर में 0.03 मीटर (3 सेंटीमीटर) की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत बूढ़ी गंडक के जलस्तर में 0.12 मीटर (12 सेंटीमीटर) तथा गंगा नदी के जलस्तर में 0.16 मीटर (16 सेंटीमीटर) की वृद्धि हुई है। प्रशासन के अनुसार वर्तमान जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी तटबंध और संरचनाएं सुरक्षित हैं। फिलहाल जिले में बाढ़ की कोई संभावना नहीं बताई गई है। इसके बावजूद नदी क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर नावों का होगा परिचालन जिला प्रशासन की ओर से निचले और नदी प्रभावित इलाकों में आवागमन की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार नावों का परिचालन किया जा रहा है, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी नहीं हो। अधिकारियों को जलस्तर में होने वाले किसी भी बदलाव की तत्काल सूचना देने और जरूरत के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदियों के जलस्तर में हो रहे बदलाव को देखते हुए निगरानी लगातार जारी रहेगी। खगड़िया में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। पिछले आठ घंटे के जलस्तर की रिपोर्ट के अनुसार कोसी और बागमती नदी के जलस्तर में कमी आई है, जबकि गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंगा और बूढ़ी गंडक का पानी फिलहाल खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। हालांकि, जिले के सभी तटबंध और संबंधित संरचनाएं सुरक्षित हैं। प्रशासन ने वर्तमान स्थिति को सामान्य और नियंत्रण में बताया है। लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने बताया कि पिछले आठ घंटे में कोसी नदी के जलस्तर में 0.08 मीटर (8 सेंटीमीटर) और बागमती नदी के जलस्तर में 0.03 मीटर (3 सेंटीमीटर) की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत बूढ़ी गंडक के जलस्तर में 0.12 मीटर (12 सेंटीमीटर) तथा गंगा नदी के जलस्तर में 0.16 मीटर (16 सेंटीमीटर) की वृद्धि हुई है। प्रशासन के अनुसार वर्तमान जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी तटबंध और संरचनाएं सुरक्षित हैं। फिलहाल जिले में बाढ़ की कोई संभावना नहीं बताई गई है। इसके बावजूद नदी क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर नावों का होगा परिचालन जिला प्रशासन की ओर से निचले और नदी प्रभावित इलाकों में आवागमन की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार नावों का परिचालन किया जा रहा है, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी नहीं हो। अधिकारियों को जलस्तर में होने वाले किसी भी बदलाव की तत्काल सूचना देने और जरूरत के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदियों के जलस्तर में हो रहे बदलाव को देखते हुए निगरानी लगातार जारी रहेगी।

