बक्सर में गंगा नदी के जलस्तर में पिछले दिनों लगातार तेजी से वृद्धि के बाद अब फिलहाल ठहराव आ गया है। गुरुवार की सुबह गंगा का जलस्तर 59.18 मीटर दर्ज किया गया। स्थानीय जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार नदी पिछले पांच घंटे से स्थिर बनी हुई है। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हुई थी बक्सर में गंगा का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर, जबकि खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। यानी वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 14 सेंटीमीटर नीचे और खतरे के निशान से 1.14 मीटर नीचे है। ऐसे में जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है। यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले दिनों गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई थी। 59.03 मीटर दर्ज गंगा का जलस्तर बुधवार को पानी करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। लगातार बढ़ते जलस्तर के दबाव का असर गंगा की सहायक नदियों पर भी दिखाई देने लगा था और कई सहायक नदियों में पानी उफान की स्थिति में पहुंच गया था। बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सरकारी आंकड़ों में भी बक्सर में गंगा के जलस्तर में बदलाव दर्ज किया गया है। बिहार जल संसाधन विभाग के सीडब्ल्यूसी स्टेशन के आंकड़ों में बक्सर गंगा का जलस्तर 30 सितंबर की सुबह 59.03 मीटर दर्ज किया गया था। वाराणसी में अब घट रहा पानी उधर वाराणसी में गंगा के जलस्तर में अब कमी का रुख सामने आया है। 1 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार से गंगा का पानी धीरे-धीरे घटना शुरू हुआ। शुरुआत में करीब आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे और बाद में लगभग एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। वरुणा नदी का पानी भी घटने लगा है, जिससे तटवर्ती इलाकों में राहत की स्थिति बनी है। प्रयागराज में भी उतार-चढ़ाव जारी प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर में भी उतार-चढ़ाव जारी है। 30 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को फाफामऊ, छतनाग और नैनी तीनों निगरानी केंद्रों पर जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। सुबह 8 बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.78 मीटर और छतनाग में 79.98 मीटर था। फिलहाल बक्सर में पांच घंटे से गंगा का जलस्तर स्थिर रहना राहत की बात है, लेकिन पानी चेतावनी स्तर से महज 14 सेंटीमीटर नीचे होने के कारण प्रशासन और तटवर्ती इलाकों के लोगों की निगाहें जलस्तर पर बनी हुई हैं। बक्सर में गंगा नदी के जलस्तर में पिछले दिनों लगातार तेजी से वृद्धि के बाद अब फिलहाल ठहराव आ गया है। गुरुवार की सुबह गंगा का जलस्तर 59.18 मीटर दर्ज किया गया। स्थानीय जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार नदी पिछले पांच घंटे से स्थिर बनी हुई है। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हुई थी बक्सर में गंगा का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर, जबकि खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। यानी वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 14 सेंटीमीटर नीचे और खतरे के निशान से 1.14 मीटर नीचे है। ऐसे में जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है। यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले दिनों गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई थी। 59.03 मीटर दर्ज गंगा का जलस्तर बुधवार को पानी करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। लगातार बढ़ते जलस्तर के दबाव का असर गंगा की सहायक नदियों पर भी दिखाई देने लगा था और कई सहायक नदियों में पानी उफान की स्थिति में पहुंच गया था। बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सरकारी आंकड़ों में भी बक्सर में गंगा के जलस्तर में बदलाव दर्ज किया गया है। बिहार जल संसाधन विभाग के सीडब्ल्यूसी स्टेशन के आंकड़ों में बक्सर गंगा का जलस्तर 30 सितंबर की सुबह 59.03 मीटर दर्ज किया गया था। वाराणसी में अब घट रहा पानी उधर वाराणसी में गंगा के जलस्तर में अब कमी का रुख सामने आया है। 1 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार से गंगा का पानी धीरे-धीरे घटना शुरू हुआ। शुरुआत में करीब आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे और बाद में लगभग एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। वरुणा नदी का पानी भी घटने लगा है, जिससे तटवर्ती इलाकों में राहत की स्थिति बनी है। प्रयागराज में भी उतार-चढ़ाव जारी प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर में भी उतार-चढ़ाव जारी है। 30 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को फाफामऊ, छतनाग और नैनी तीनों निगरानी केंद्रों पर जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। सुबह 8 बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.78 मीटर और छतनाग में 79.98 मीटर था। फिलहाल बक्सर में पांच घंटे से गंगा का जलस्तर स्थिर रहना राहत की बात है, लेकिन पानी चेतावनी स्तर से महज 14 सेंटीमीटर नीचे होने के कारण प्रशासन और तटवर्ती इलाकों के लोगों की निगाहें जलस्तर पर बनी हुई हैं।

