बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर विपक्षी गठबंधन पर तंज कसा। उन्होंने INDIA गठबंधन को स्वार्थ का गठबंधन बताते हुए कहा कि इसमें धीरे-धीरे दरारें पड़ रही हैं।
Sanjay Sarogi on INDIA Bloc Meeting: बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने बुधवार को नई दिल्ली में हुई ‘INDIA ब्लॉक’ की बैठक पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी गठबंधन को “स्वार्थ का गठबंधन” बताया और कहा कि इसमें धीरे-धीरे दरारें पड़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हार के डर से विपक्षी पार्टियां संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं।
डीएमके और अखिलेश नहीं गए, गठबंधन में टूट शुरू : सरावगी का तंज
विपक्ष की एकता के दावों पर सवाल उठाते हुए संजय सरावगी ने कहा कि कोई भी गठबंधन बैठक करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन यह खास गठबंधन पूरी तरह से स्वार्थ का गठबंधन है। गठबंधन के भीतर दरारें अब साफ दिखने लगी हैं। उन्होंने DMK और अखिलेश यादव की गैर मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि संबंधित पार्टियां ही गठबंधन की अंदरूनी स्थिति को बेहतर समझ सकती हैं। सरावगी ने कहा कि असलियत यह है कि जब भी चुनाव नजदीक आता है या विपक्ष को करारी हार का सामना करना पड़ता है, तो वे ऐसी बैठकें करते हैं, लेकिन बैठक खत्म होने के बाद सिर्फ खोखली बातें करते हैं।
मनमुताबिक फैसले न होने पर विपक्ष चुनाव आयोग को बनाता है निशाना : संजय सरावगी
संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की यह आदत बन गई है कि जब भी चुनाव आयोग उनकी पसंद के फैसले नहीं देता, तो वे आयोग और उसके शीर्ष अधिकारियों पर उंगली उठाने लगते हैं। उन्होंने बताया कि SIR के ड्राफ़्ट के प्रकाशन के बाद, चुनाव आयोग आपत्तियों के लिए पूरा एक महीना देता है और उठाई गई किसी भी आपत्ति का समाधान नियमों के अनुसार किया जाता है।
सरावगी ने पूछा- बंगाल में जहां कटे सबसे ज्यादा वोट, वहां कौन जीता?
SIR को लेकर पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए संजय सरावगी ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की TMC और कांग्रेस के उम्मीदवार उन दस सीटों में से छह से अधिक सीटों पर जीते, जहां सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। तब उन्होंने कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई? कांग्रेस को वहां कोई शिकायत नहीं होती जहां वह जीतती है, लेकिन जहां भी वह हारती है, वहां धांधली का शोर मचाती है।
सरावगी ने बताया कि कर्नाटक में BJP सत्ता में थी लेकिन चुनाव हार गई, जबकि तमिलनाडु और केरल में विपक्ष की जीत हुई। इसके अलावा 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में जनता ने एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया है।

