वाराणसी जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र के ठाकुरपुर गांव में फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और रविवार रात घर पहुंचकर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया। विरोध करने पर अंजाम भुगतने की धमकी देने की बात भी कही गई है। घटना के बाद से परिवार डरा हुआ है। बड़ागांव थाना क्षेत्र के बसनी ठाकुरपुर निवासी विनोद कुमार पटेल उर्फ छेदी पटेल ने आरोप लगाया कि बीते 8 सितंबर की दोपहर करीब 1 से 1:30 बजे पड़ोसी मंगेश यादव ने फोन कर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। फिर कुछ देर बाद मंगेश अपने साथी अभिजीत पटेल उर्फ गोलू के साथ असलहा लेकर उनके घर पहुंचा। पीड़ित का आरोप है कि दोनों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। इस दौरान विनोद पटेल और उनकी भतीजी बाल-बाल बच गए। आरोपियों ने मौके पर पड़ा कारतूस का खोखा उठाकर खेत की तरफ फेंक दिया और वहां से भाग निकले। 11 सितंबर को दर्ज हुई एफआईआर
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित की शिकायत पर 11 सितंबर को बड़ागांव थाने में एफआई दर्ज की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि रविवार रात आरोपी कुछ लोगों के साथ दोबारा उनके घर पहुंचे। उन लोगों ने मुकदमा वापस लेने और सुलह करने का दबाव बनाया। बात नहीं मानने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हुए चले गए। विनोद कुमार ने बताया कि इस बारे में सोमवार को पुलिस से दोबारा शिकायत की गई। शिकायत के बाद थाना प्रभारी ने कहा कि मामले में आरोपी की तलाश की जा रही है। यदि दोबारा वह घर पर आता है तो उसकी सूचना पुलिस को दें। वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तार करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

