कम बारिश के कारण माही डैम और आसपास के तालाबों में पानी की कमी हो गई है। इससे रबी सीजन में सिंचाई को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि पानी की कमी से गेहूं और चने जैसी फसलें प्रभावित हो सकती हैं। पशुओं के लिए चारे और पानी का संकट भी बढ़ने की आशंका है। इसी समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार शाम कृषि उपज मंडी परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिलाध्यक्ष महेंद्र हामड़ और जिला महामंत्री जितेंद्र पाटीदार ने जल संकट को लेकर यूनियन की आगामी गतिविधियों की जानकारी दी। माही डैम में नर्मदा का पानी लाने की मांग जिलाध्यक्ष महेंद्र हामड़ ने कहा कि माही डैम और इससे जुड़ी नहरों के क्षेत्र में पानी की भारी कमी है। इस समस्या के समाधान के लिए शासन-प्रशासन के सामने माही डैम में नर्मदा का पानी लाने की मांग रखी जाएगी। जिला महामंत्री जितेंद्र पाटीदार ने कहा कि यह समस्या दर्जनों गांवों के भविष्य से जुड़ी है। इसलिए समय रहते जल प्रबंध करना जरूरी है। 28 सितंबर को पेटलावद में प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन 28 सितंबर को सुबह 11 बजे पेटलावद एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। यूनियन ने किसानों से अधिक संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। इन गांवों के किसानों से जुड़ने का आह्वान आंदोलन के लिए बोड़ाईता, मोहनपुरा, सारंगी, मांडन, मठमठ, बावड़ी, गंगाखेड़ी, करवड़, रामगढ़, देहनंडी, टेमरिया, करड़ावद, पेटलावद, अनंतखेड़ी, जामली, बरवेंट, रायपुरिया, रूपगढ़ और कोदली सहित आसपास के गांवों के किसानों से जुड़ने का आह्वान किया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईश्वलाल पाटीदार, बलराम पाटीदार, हरिराम सेप्टा, प्रेम भूरिया, सुरेश मचार और राधाकृष्ण पाटीदार समेत कई किसान मौजूद रहे।

