नोएडा बस हादसे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश:महिला के खिलाफ मुकदमा, एक्स पर पोस्ट कर भ्रामक दावा किया

नोएडा बस हादसे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश:महिला के खिलाफ मुकदमा, एक्स पर पोस्ट कर भ्रामक दावा किया

यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात बस में आग लगने की घटना में नौ लोगों की मौत के बाद सोशल मीडिया पर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश का मामला सामने आया है। एक्स पर एक महिला ने हादसे की तस्वीर और वीडियो के साथ ऐसा भ्रामक दावा प्रसारित किया, जिससे लोगों में भय, आक्रोश और प्रशासन के प्रति अविश्वास पैदा हो सकता था। साइबर थाना पुलिस ने महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केस मीडिया सेल में तैनात उपनिरीक्षक सुमित कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ है। थाने में दी गई शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि 23 सितंबर 2026 की रात यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर की ओर जाते समय एक बस में अचानक आग लग गई थी। हादसे में नौ लोगों की जलने और दम घुटने से मौत हुई। घटना के संबंध में इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर आधिकारिक सूचनाएं भी जारी की गई थी। एक्स पर किया पोस्ट
इसी बीच सोशल मीडिया मंच एक्स पर रुमा खातून नाम के प्रोफाइल से हादसे से संबंधित एक पोस्ट की गई। इसमें हाईवे पर जलती हुई बस का वीडियो साझा करते हुए दावा किया गया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर भाजपा और आरएसएस के लोगों ने बस में आग लगा दी है और कम से कम 30 यात्रियों की मौत हो गई है। सभी मृतक मुस्लिम और ईसाई यात्री हैं। पोस्ट के साथ अंग्रेजी में सवालिया अंदाज में लिखा गया। सभी जानकारी भ्रामक और विपरीत
शिकायतकर्ता के अनुसार पोस्ट में किए गए दावे घटना से जुड़ी वास्तविक जानकारी के विपरीत और भ्रामक थे। इस तरह की पोस्ट से लोगों में भय और आक्रोश पैदा हो सकता है तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। पोस्ट के जरिए आम लोगों को भड़काने और कानून हाथ में लेने के लिए उकसाने का प्रयास किया गया। इसमें हादसे की वास्तविक प्रकृति और मृतकों की संख्या को लेकर गलत जानकारी दी गई। नौ मौत को बताया 30 मौत
नौ लोगों की मौत वाली घटना को 30 लोगों की मौत बताकर पेश किया गया। साथ ही मृतकों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर जोड़ने का दावा किया गया, जिससे घटना को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश सामने आती है। विवादित पोस्ट पर केस दर्ज होने को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की भ्रामक सामग्री का तेजी से प्रसार समाज में तनाव पैदा कर सकता है। मामले में रुमा खातून के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमे की जांच निरीक्षक विनोद कुमार यादव को सौंपी गई है। पुलिस पोस्ट के स्रोत, उसे प्रसारित करने वाले खाते, पोस्ट की पहुंच और उसके पीछे की मंशा समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भ्रामक पोस्ट किस उद्देश्य से की गई और उसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया।

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