बोचहां में पंचायत सरकार भवन निर्माण में मिली गड़बड़ी:रिकॉर्ड, फंड और कैश बुक की हुई गहन जांच, टीम ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

बोचहां में पंचायत सरकार भवन निर्माण में मिली गड़बड़ी:रिकॉर्ड, फंड और कैश बुक की हुई गहन जांच, टीम ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड में पंचायतीराज विभाग के विकास कार्यों की जांच की गई। इस दौरान पंचायत सरकार भवन के निर्माण में गड़बड़ी मिली। अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इस जांच से प्रखंड मुख्यालय में हड़कंप मच गया। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त के सचिव और पंचायतीराज के उप निदेशक संदीप शेखर प्रियदर्शनी के नेतृत्व में एक टीम बुधवार को प्रखंड कार्यालय पहुंची थी। टीम ने पंचायत समिति और पंचायतीराज विभाग की अलग-अलग योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड, फंड और रजिस्टर की गहनता से जांच की। जांच के दौरान पंचायत समिति की योजनाओं के फंड, पंचायतीराज विभाग की योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड और प्रखंड स्तर पर चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने पंचायतों में चल रही योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की। इसी क्रम में जांच टीम ने कर्णपुर उत्तरी पंचायत में बन रहे पंचायत सरकार भवन का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में भवन निर्माण की गुणवत्ता में गड़बड़ी सामने आई। जांच अधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जरूरी जांच व कार्रवाई की बात कही। इसके साथ ही, प्रखंड कार्यालय से जुड़े कैश के रखरखाव और दूसरे रिकॉर्ड में मिली कमियों को लेकर संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए। जांच अधिकारी ने इन कमियों को ठीक करके 24 घंटे के भीतर अपडेट रिपोर्ट देने को कहा। जांच टीम के प्रखंड कार्यालय पहुंचते ही संबंधित कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने साफ किया कि पंचायतीराज विभाग के तहत चलने वाली विकास योजनाओं की हर तीन महीने पर जांच की जाती है। इसका मकसद योजनाओं को लागू करने, रिकॉर्ड रखने और निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा करना है। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड में पंचायतीराज विभाग के विकास कार्यों की जांच की गई। इस दौरान पंचायत सरकार भवन के निर्माण में गड़बड़ी मिली। अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इस जांच से प्रखंड मुख्यालय में हड़कंप मच गया। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त के सचिव और पंचायतीराज के उप निदेशक संदीप शेखर प्रियदर्शनी के नेतृत्व में एक टीम बुधवार को प्रखंड कार्यालय पहुंची थी। टीम ने पंचायत समिति और पंचायतीराज विभाग की अलग-अलग योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड, फंड और रजिस्टर की गहनता से जांच की। जांच के दौरान पंचायत समिति की योजनाओं के फंड, पंचायतीराज विभाग की योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड और प्रखंड स्तर पर चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने पंचायतों में चल रही योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की। इसी क्रम में जांच टीम ने कर्णपुर उत्तरी पंचायत में बन रहे पंचायत सरकार भवन का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में भवन निर्माण की गुणवत्ता में गड़बड़ी सामने आई। जांच अधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जरूरी जांच व कार्रवाई की बात कही। इसके साथ ही, प्रखंड कार्यालय से जुड़े कैश के रखरखाव और दूसरे रिकॉर्ड में मिली कमियों को लेकर संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए। जांच अधिकारी ने इन कमियों को ठीक करके 24 घंटे के भीतर अपडेट रिपोर्ट देने को कहा। जांच टीम के प्रखंड कार्यालय पहुंचते ही संबंधित कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने साफ किया कि पंचायतीराज विभाग के तहत चलने वाली विकास योजनाओं की हर तीन महीने पर जांच की जाती है। इसका मकसद योजनाओं को लागू करने, रिकॉर्ड रखने और निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा करना है।  

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