बक्सर में कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक स्कूल के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को पॉक्सो विशेष कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें एक पूर्व छात्रा से जुड़े दुष्कर्म और आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने पुलिस की ओर से आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए जाने के आधार पर उन्हें जमानत दी। छात्रा की मां ने तीन शिक्षकों पर लगाए थे आरोप मामले में छात्रा की मां ने प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी समेत तीन शिक्षकों के खिलाफ आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर कृष्णाब्रह्म थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया था। हालांकि, मामले में नामजद दो अन्य शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद को अभी जमानत नहीं मिली है। जनवरी 2026 की घटना का FIR में जिक्र FIR के अनुसार, जनवरी 2026 में शिक्षक अरविंद कुमार पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाने का आरोप है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वीडियो की जानकारी मिलने के बाद शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद ने छात्रा को ब्लैकमेल किया। उस पर छात्रा को होटल ले जाकर दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया गया है। प्रधानाध्यापक पर घटना छिपाने का आरोप पुलिस ने अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया था। अरविंद कुमार से रिमांड पर पूछताछ भी की गई। वहीं, प्रधानाध्यापक पर घटना की जानकारी होने के बावजूद उसे छिपाने का आरोप लगाया गया था। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें भी मामले में गिरफ्तार किया था। वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला मामला छात्रा से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया। वीडियो के वायरल होने के बाद स्कूल और आसपास के इलाके में चर्चा तेज हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। दोनों शिक्षकों की नौकरी जा चुकी मामले में नामजद शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग पहले ही उन्हें नौकरी से हटा चुका है। दोनों की जमानत पर अभी अदालत से राहत नहीं मिली है। पुरस्कार से भी हटाया गया था नाम मामला सामने आने से पहले प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को स्कूल में बेहतर कार्य के लिए राज्य स्तरीय राजकीय पुरस्कार के लिए चुना गया था। गिरफ्तारी और मामले में नाम आने के बाद उनका नाम पुरस्कार की सूची से हटा दिया गया। मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी पुलिस ने मामले में आरोपितों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस आरोपितों के बीच बातचीत, मोबाइल संपर्क और अन्य डिजिटल गतिविधियों की तकनीकी पड़ताल कर रही है। संबंधित स्थानों से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आगे की जांच डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी मामले में पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत जांच जारी है। प्रधानाध्यापक को जमानत मिलने के बाद भी मामले की जांच प्रभावित नहीं होगी। पुलिस अब फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। बक्सर में कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक स्कूल के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को पॉक्सो विशेष कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें एक पूर्व छात्रा से जुड़े दुष्कर्म और आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने पुलिस की ओर से आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए जाने के आधार पर उन्हें जमानत दी। छात्रा की मां ने तीन शिक्षकों पर लगाए थे आरोप मामले में छात्रा की मां ने प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी समेत तीन शिक्षकों के खिलाफ आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर कृष्णाब्रह्म थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया था। हालांकि, मामले में नामजद दो अन्य शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद को अभी जमानत नहीं मिली है। जनवरी 2026 की घटना का FIR में जिक्र FIR के अनुसार, जनवरी 2026 में शिक्षक अरविंद कुमार पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाने का आरोप है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वीडियो की जानकारी मिलने के बाद शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद ने छात्रा को ब्लैकमेल किया। उस पर छात्रा को होटल ले जाकर दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया गया है। प्रधानाध्यापक पर घटना छिपाने का आरोप पुलिस ने अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया था। अरविंद कुमार से रिमांड पर पूछताछ भी की गई। वहीं, प्रधानाध्यापक पर घटना की जानकारी होने के बावजूद उसे छिपाने का आरोप लगाया गया था। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें भी मामले में गिरफ्तार किया था। वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला मामला छात्रा से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया। वीडियो के वायरल होने के बाद स्कूल और आसपास के इलाके में चर्चा तेज हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। दोनों शिक्षकों की नौकरी जा चुकी मामले में नामजद शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग पहले ही उन्हें नौकरी से हटा चुका है। दोनों की जमानत पर अभी अदालत से राहत नहीं मिली है। पुरस्कार से भी हटाया गया था नाम मामला सामने आने से पहले प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को स्कूल में बेहतर कार्य के लिए राज्य स्तरीय राजकीय पुरस्कार के लिए चुना गया था। गिरफ्तारी और मामले में नाम आने के बाद उनका नाम पुरस्कार की सूची से हटा दिया गया। मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी पुलिस ने मामले में आरोपितों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस आरोपितों के बीच बातचीत, मोबाइल संपर्क और अन्य डिजिटल गतिविधियों की तकनीकी पड़ताल कर रही है। संबंधित स्थानों से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आगे की जांच डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी मामले में पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत जांच जारी है। प्रधानाध्यापक को जमानत मिलने के बाद भी मामले की जांच प्रभावित नहीं होगी। पुलिस अब फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

