कटिहार में जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने सरस्वती शिक्षा निकेतन (मॉडल स्कूल) यू.एच.एस. परबेली, कदवा में नौवीं कक्षा के छात्रों को रसायन विज्ञान पढ़ाया। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को उन्होंने करीब डेढ़ घंटे का विशेष सेशन लिया। इस दौरान उन्होंने ‘पदार्थ एवं पदार्थ का वर्गीकरण’ अध्याय की जानकारी दी। कुमार ने जटिल वैज्ञानिक बातों को आसान भाषा और रोजमर्रा के उदाहरणों से समझाया। उन्होंने शुद्ध पदार्थ, मिश्रण, उसके प्रकार, कोलायड, यौगिक, टिंडल प्रभाव और तत्व, मिश्रण व यौगिक के अंतर जैसे विषयों पर बात की। पढ़ाई के दौरान बच्चों में काफी उत्सुकता दिखी। छात्रों ने कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने आसान तरीके से जवाब दिया। कुमार ने छात्रों को 12वीं के बाद करियर के अवसरों के बारे में भी बताया। उन्होंने मेडिकल, इंजीनियरिंग, कृषि विज्ञान, अनुसंधान, कंप्यूटर एवं आईटी, फार्मेसी, जैव प्रौद्योगिकी, कानून, सिविल सेवा, रक्षा, बैंकिंग, शिक्षण और प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों से अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर लक्ष्य तय करने और रोज पढ़ाई करने की अपील की। क्लास खत्म होने पर छात्रों को पढ़ाए गए अध्याय के लिखित नोट्स भी दिए गए। इससे वे घर पर उसका अभ्यास कर सकेंगे। कुमार ने बच्चों को रटने की बजाय समझकर पढ़ने और सवाल पूछने की आदत डालने के लिए प्रेरित किया। शिक्षण सत्र के बाद जिला कृषि पदाधिकारी ने स्कूल की सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने मध्याह्न भोजन, शौचालय और प्रयोगशाला जैसी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों के अच्छे विकास के लिए अच्छी शिक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई का अच्छा माहौल भी जरूरी है। यह पहल जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में शिक्षण एवं करियर मार्गदर्शन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ व्यावहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और भविष्य के अवसरों की समझ विकसित करने में मदद मिल रही है। कटिहार में जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने सरस्वती शिक्षा निकेतन (मॉडल स्कूल) यू.एच.एस. परबेली, कदवा में नौवीं कक्षा के छात्रों को रसायन विज्ञान पढ़ाया। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को उन्होंने करीब डेढ़ घंटे का विशेष सेशन लिया। इस दौरान उन्होंने ‘पदार्थ एवं पदार्थ का वर्गीकरण’ अध्याय की जानकारी दी। कुमार ने जटिल वैज्ञानिक बातों को आसान भाषा और रोजमर्रा के उदाहरणों से समझाया। उन्होंने शुद्ध पदार्थ, मिश्रण, उसके प्रकार, कोलायड, यौगिक, टिंडल प्रभाव और तत्व, मिश्रण व यौगिक के अंतर जैसे विषयों पर बात की। पढ़ाई के दौरान बच्चों में काफी उत्सुकता दिखी। छात्रों ने कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने आसान तरीके से जवाब दिया। कुमार ने छात्रों को 12वीं के बाद करियर के अवसरों के बारे में भी बताया। उन्होंने मेडिकल, इंजीनियरिंग, कृषि विज्ञान, अनुसंधान, कंप्यूटर एवं आईटी, फार्मेसी, जैव प्रौद्योगिकी, कानून, सिविल सेवा, रक्षा, बैंकिंग, शिक्षण और प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों से अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर लक्ष्य तय करने और रोज पढ़ाई करने की अपील की। क्लास खत्म होने पर छात्रों को पढ़ाए गए अध्याय के लिखित नोट्स भी दिए गए। इससे वे घर पर उसका अभ्यास कर सकेंगे। कुमार ने बच्चों को रटने की बजाय समझकर पढ़ने और सवाल पूछने की आदत डालने के लिए प्रेरित किया। शिक्षण सत्र के बाद जिला कृषि पदाधिकारी ने स्कूल की सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने मध्याह्न भोजन, शौचालय और प्रयोगशाला जैसी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों के अच्छे विकास के लिए अच्छी शिक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई का अच्छा माहौल भी जरूरी है। यह पहल जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में शिक्षण एवं करियर मार्गदर्शन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ व्यावहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और भविष्य के अवसरों की समझ विकसित करने में मदद मिल रही है।

