टीडीएस को लेकर आयकर विभाग ने गया के कारोबारियों, डॉक्टरों, सरकारी विभागों और दूसरे संस्थानों को नियमों की जानकारी दी। इसमें आयकर आयुक्त (टीडीएस) केएल कनक ने टीडीएस से जुड़े प्रावधानों और आयकर कानून में हुए बदलावों को साझा किया। साथ ही विस्तार से लोगों को समझाया। यह कार्यक्रम आईएमए हॉल में मंगलवार को हुआ। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शाम करीब 6 बजे तक चला। इसमें चैंबर ऑफ कॉमर्स, टैक्सेशन बार एसोसिएशन, बुलियन एसोसिएशन, बुनकर एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों के डीडीओ और उनके कर्मचारी भी शरीक हुए। कार्यक्रम की खासियत ये रही कि बड़ी संख्या में कारोबारी, सरकारी संस्थान के प्रतिनिधि जुट गए। नतीजतन हॉल छोटा पड़ गया। कई लोग खड़े रहने को मजबूर रहे। कुछ लोग कार्यक्रम के शुरू होते ही निकल गए। समय पर टीडीएस नहीं काटा तो ब्याज आयकर आयुक्त केएल कनक ने कहा कि टीडीएस में छोटी चूक भी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए भुगतान से पहले टीडीएस की शर्तों व तय सीमा की जानकारी जरूरी है। उन्होंने अलग-अलग तरह के भुगतान पर टीडीएस की दर और तय सीमा के बारे में जानकारी दी। साथ ही सही समय पर टीडीएस काटने व सरकारी खाते में जमा करने को जरूरी बताया। उन्होंने बताया कि समय पर टीडीएस नहीं काटने पर सामान्य तौर पर 1 प्रतिशत प्रति माह या माह के हिस्से के लिए ब्याज लग सकता है। वहीं, टीडीएस काटने के बाद उसे समय पर सरकारी खाते में जमा नहीं करने पर 1.5 प्रतिशत प्रति माह या माह के हिस्से के लिए ब्याज देय हो सकता है। गलत PAN से भी बढ़ सकती है परेशानी कार्यक्रम में PAN और TAN की सही जानकारी दर्ज करने पर भी जोर दिया गया। आयकर विभाग ने बताया कि TDS Statement में गलत PAN या अन्य जानकारी देने से संबंधित व्यक्ति को टीडीएस का क्रेडिट मिलने में परेशानी हो सकती है। इससे Form 26AS में भी टीडीएस की जानकारी सही तरीके से अपडेट नहीं होने का मामला आ सकता है। बाद में TDS मिसमैच को लेकर शिकायतें आती हैं। विभाग ने ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्टेटमेंट में सही जानकारी देने को कहा। आयकर अधिनियम 2025 की भी दी जानकारी केएल कनक ने आयकर अधिनियम, 1961 के तहत टीडीएस से जुड़े प्रमुख नियमों की जानकारी दी। साथ ही आयकर कानून में हुए महत्वपूर्ण बदलावों और आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों से भी लोगों को अवगत कराया। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में TDS स्टेटमेंट दाखिल करने की जरूरत बताई। समय पर स्टेटमेंट दाखिल नहीं करने पर लेट फाइलिंग फीस और परिस्थितियों के अनुसार दूसरे प्रावधान लागू होने की स्थिति की भी जानकारी दी। सवाल-जवाब में दूर की गईं शंकाएं कार्यक्रम में सवाल-जवाब का सत्र भी हुआ। सरकारी और निजी संस्थानों के डीडीओ, कारोबारी और पेशेवर संगठनों के प्रतिनिधियों ने टीडीएस से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं रखीं। आयकर विभाग के अधिकारियों ने सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम में संयुक्त आयकर आयुक्त (टीडीएस) स्वप्न कुमार चक्रवर्ती, आयकर अधिकारी (टीडीएस) संजय कुमार, आयकर अधिकारी (JAO) संजय कुमार सुमन और आयकर अधिकारी (VU) कुमार बृजेन्द्र मौजूद रहे। विभाग ने सभी डीडीओ और अन्य टीडीएस काटने वाले संस्थानों से समय पर टीडीएस काटने, जमा करने और स्टेटमेंट दाखिल करने की अपील की। साथ ही आयकर कानून में होने वाले बदलावों की जानकारी अपडेट रखने को कहा। टीडीएस को लेकर आयकर विभाग ने गया के कारोबारियों, डॉक्टरों, सरकारी विभागों और दूसरे संस्थानों को नियमों की जानकारी दी। इसमें आयकर आयुक्त (टीडीएस) केएल कनक ने टीडीएस से जुड़े प्रावधानों और आयकर कानून में हुए बदलावों को साझा किया। साथ ही विस्तार से लोगों को समझाया। यह कार्यक्रम आईएमए हॉल में मंगलवार को हुआ। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शाम करीब 6 बजे तक चला। इसमें चैंबर ऑफ कॉमर्स, टैक्सेशन बार एसोसिएशन, बुलियन एसोसिएशन, बुनकर एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों के डीडीओ और उनके कर्मचारी भी शरीक हुए। कार्यक्रम की खासियत ये रही कि बड़ी संख्या में कारोबारी, सरकारी संस्थान के प्रतिनिधि जुट गए। नतीजतन हॉल छोटा पड़ गया। कई लोग खड़े रहने को मजबूर रहे। कुछ लोग कार्यक्रम के शुरू होते ही निकल गए। समय पर टीडीएस नहीं काटा तो ब्याज आयकर आयुक्त केएल कनक ने कहा कि टीडीएस में छोटी चूक भी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए भुगतान से पहले टीडीएस की शर्तों व तय सीमा की जानकारी जरूरी है। उन्होंने अलग-अलग तरह के भुगतान पर टीडीएस की दर और तय सीमा के बारे में जानकारी दी। साथ ही सही समय पर टीडीएस काटने व सरकारी खाते में जमा करने को जरूरी बताया। उन्होंने बताया कि समय पर टीडीएस नहीं काटने पर सामान्य तौर पर 1 प्रतिशत प्रति माह या माह के हिस्से के लिए ब्याज लग सकता है। वहीं, टीडीएस काटने के बाद उसे समय पर सरकारी खाते में जमा नहीं करने पर 1.5 प्रतिशत प्रति माह या माह के हिस्से के लिए ब्याज देय हो सकता है। गलत PAN से भी बढ़ सकती है परेशानी कार्यक्रम में PAN और TAN की सही जानकारी दर्ज करने पर भी जोर दिया गया। आयकर विभाग ने बताया कि TDS Statement में गलत PAN या अन्य जानकारी देने से संबंधित व्यक्ति को टीडीएस का क्रेडिट मिलने में परेशानी हो सकती है। इससे Form 26AS में भी टीडीएस की जानकारी सही तरीके से अपडेट नहीं होने का मामला आ सकता है। बाद में TDS मिसमैच को लेकर शिकायतें आती हैं। विभाग ने ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्टेटमेंट में सही जानकारी देने को कहा। आयकर अधिनियम 2025 की भी दी जानकारी केएल कनक ने आयकर अधिनियम, 1961 के तहत टीडीएस से जुड़े प्रमुख नियमों की जानकारी दी। साथ ही आयकर कानून में हुए महत्वपूर्ण बदलावों और आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों से भी लोगों को अवगत कराया। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में TDS स्टेटमेंट दाखिल करने की जरूरत बताई। समय पर स्टेटमेंट दाखिल नहीं करने पर लेट फाइलिंग फीस और परिस्थितियों के अनुसार दूसरे प्रावधान लागू होने की स्थिति की भी जानकारी दी। सवाल-जवाब में दूर की गईं शंकाएं कार्यक्रम में सवाल-जवाब का सत्र भी हुआ। सरकारी और निजी संस्थानों के डीडीओ, कारोबारी और पेशेवर संगठनों के प्रतिनिधियों ने टीडीएस से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं रखीं। आयकर विभाग के अधिकारियों ने सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम में संयुक्त आयकर आयुक्त (टीडीएस) स्वप्न कुमार चक्रवर्ती, आयकर अधिकारी (टीडीएस) संजय कुमार, आयकर अधिकारी (JAO) संजय कुमार सुमन और आयकर अधिकारी (VU) कुमार बृजेन्द्र मौजूद रहे। विभाग ने सभी डीडीओ और अन्य टीडीएस काटने वाले संस्थानों से समय पर टीडीएस काटने, जमा करने और स्टेटमेंट दाखिल करने की अपील की। साथ ही आयकर कानून में होने वाले बदलावों की जानकारी अपडेट रखने को कहा।

