पावापुरी मेडिकल कॉलेज में डिस्चार्ज को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा:बदहाल व्यवस्था और रिपोर्ट में देरी को लेकर भड़के लोग, नोकझोंक के बाद हुई हाथापाई

पावापुरी मेडिकल कॉलेज में डिस्चार्ज को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा:बदहाल व्यवस्था और रिपोर्ट में देरी को लेकर भड़के लोग, नोकझोंक के बाद हुई हाथापाई

पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान में मंगलवार को मरीज को डिस्चार्ज करने को लेकर इंटर्न डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच जमकर विवाद हो गया। नोकझोंक से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। घटना के दौरान परिजन की शर्ट फट गई। हंगामे के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। डिचार्ज लेट से किया, कई कांउटर के चक्कर कटवाए नवादा जिले के गोपालपुर-पकड़िया गांव निवासी रीना कुमारी अस्पताल में उपचाराधीन थीं। मरीज के परिजन कन्हैया कुमार का आरोप है कि इलाज पूरा होने के बाद मरीज को रात में ही डिस्चार्ज किया जाना था। लेकिन छुट्टी की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उन्हें सुबह से ही कई काउंटरों और डॉक्टरों के चक्कर कटवाए गए। कन्हैया ने आरोप लगाया कि करीब 10 बार इधर-उधर दौड़ाए जाने के बाद जब उन्होंने सवाल किया, तो इंटर्न डॉक्टर उलझ गए और पहले हाथ छोड़ दिया। मारपीट के दौरान उनकी शर्ट फट गई। आरोप यह भी है कि घटना के तुरंत बाद इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में 30 से 40 लोग वहां जुट गए और दबाव बनाने लगे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया। वेटिंग हॉल में उमस से बेहाल मरीज, 3 घंटे तक रिपोर्ट का इंतजार इस घटना के बाद अस्पताल में मौजूद अन्य तीमारदारों का आक्रोश भी फूट पड़ा। गिरियक प्रखंड निवासी एमपी सिंह समेत अन्य परिजनों ने अस्पताल की लचर व्यवस्था पर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि डॉक्टरों के केबिन में तो एसी चल रहे हैं, लेकिन वेटिंग हॉल में पंखों के भरोसे मरीज और उनके परिजन भीषण गर्मी में बेहाल रहते हैं। इसके अलावा, पैथोलॉजी और जांच रिपोर्ट देने में भी भारी मनमानी की जा रही है। एक घंटे का समय देकर मरीजों को तीन-तीन घंटे इंतजार कराया जाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन में कोई भी शिकायतों पर ध्यान देने को तैयार नहीं है, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान में मंगलवार को मरीज को डिस्चार्ज करने को लेकर इंटर्न डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच जमकर विवाद हो गया। नोकझोंक से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। घटना के दौरान परिजन की शर्ट फट गई। हंगामे के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। डिचार्ज लेट से किया, कई कांउटर के चक्कर कटवाए नवादा जिले के गोपालपुर-पकड़िया गांव निवासी रीना कुमारी अस्पताल में उपचाराधीन थीं। मरीज के परिजन कन्हैया कुमार का आरोप है कि इलाज पूरा होने के बाद मरीज को रात में ही डिस्चार्ज किया जाना था। लेकिन छुट्टी की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उन्हें सुबह से ही कई काउंटरों और डॉक्टरों के चक्कर कटवाए गए। कन्हैया ने आरोप लगाया कि करीब 10 बार इधर-उधर दौड़ाए जाने के बाद जब उन्होंने सवाल किया, तो इंटर्न डॉक्टर उलझ गए और पहले हाथ छोड़ दिया। मारपीट के दौरान उनकी शर्ट फट गई। आरोप यह भी है कि घटना के तुरंत बाद इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में 30 से 40 लोग वहां जुट गए और दबाव बनाने लगे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया। वेटिंग हॉल में उमस से बेहाल मरीज, 3 घंटे तक रिपोर्ट का इंतजार इस घटना के बाद अस्पताल में मौजूद अन्य तीमारदारों का आक्रोश भी फूट पड़ा। गिरियक प्रखंड निवासी एमपी सिंह समेत अन्य परिजनों ने अस्पताल की लचर व्यवस्था पर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि डॉक्टरों के केबिन में तो एसी चल रहे हैं, लेकिन वेटिंग हॉल में पंखों के भरोसे मरीज और उनके परिजन भीषण गर्मी में बेहाल रहते हैं। इसके अलावा, पैथोलॉजी और जांच रिपोर्ट देने में भी भारी मनमानी की जा रही है। एक घंटे का समय देकर मरीजों को तीन-तीन घंटे इंतजार कराया जाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन में कोई भी शिकायतों पर ध्यान देने को तैयार नहीं है, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति पैदा हो रही है।  

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