मुंबई। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची से हटाए जाने के लिए चिन्हित किए गए सभी मतदाताओं का विस्तृत विवरण विधानसभा और बूथ वार सार्वजनिक करने की पुरजोर मांग की है। इसी सिलसिले में हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की और मतदाता सूची संशोधन को लेकर पार्टी की गंभीर चिंताएं दर्ज कराईं।
इस प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य एवं पूर्व मंत्री नसीम खान, कांग्रेस विधानमंडल दल के उपनेता अमीन पटेल और विधायक भाई जगताप सहित कई वरिष्ठ नेता प्रमुख रूप से शामिल थे। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सपकाल ने दावा किया कि महाराष्ट्र में पहले लगभग 9.78 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे, लेकिन एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 3.28 करोड़ नामों को बाहर कर दिया गया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और जारी किए गए आंकड़ों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए। सपकाल ने मांग रखी कि ‘संदेहास्पद’ या ‘सत्यापन योग्य’ श्रेणी में रखे गए सभी मतदाताओं का पूरा ब्योरा निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर विधानसभा और बूथ वार सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लगभग 1.22 करोड़ ‘असंगत’ श्रेणी के मतदाताओं को नियमानुसार नोटिस तक जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने दावों और आपत्तियों के लिए निर्धारित 31 अगस्त से 30 सितंबर की समय सीमा को आगामी त्योहारों के मद्देनजर तीन महीने आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। इसके अलावा, उन्होंने मतदाता संख्या में दिख रही विसंगतियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
राज्य में जारी सूखे के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सपकाल ने कहा कि सर्वेक्षणों के नाम पर समय बर्बाद करने के बजाय सरकार को तत्काल पूरे प्रभावित क्षेत्रों में सूखा घोषित करना चाहिए और किसानों को 1 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने पूर्व विधायक राहुल बोंड्रे का हवाला देते हुए भाजपा पर विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए जांच एजेंसियों और आपराधिक मामलों का अनुचित इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।

