दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) के तीसरे सीजन में भ्रष्टाचार और फिक्सिंग के आरोप सामने आने के बाद दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) जांच करेगा। संघ ने BCCI से भी आगे की कार्रवाई को लेकर मार्गदर्शन मांगा है। स्टिंग में प्लेइंग-XI पहले देने का दावा मामला तहलका की एक अंडरकवर जांच के बाद सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, अंडरकवर रिपोर्टर ने खुद को बुकी बताकर पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया से संपर्क किया। स्टिंग में भाटिया ने DPL मैचों की प्लेइंग-XI आधिकारिक घोषणा से पहले उपलब्ध कराने की बात कही। रिपोर्ट में 3 अगस्त 2026 के सेंट्रल दिल्ली किंग्स और नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के मुकाबले को उदाहरण बनाया गया। दावा है कि मैच से पहले भाटिया ने सेंट्रल दिल्ली की टीम के खिलाड़ियों के नाम बताए और टॉस के बाद होने वाले बदलाव की जानकारी देने की बात भी कही। तहलका के मुताबिक, बताई गई सूची बाद में घोषित प्लेइंग-XI से मेल खाती थी। यह DPL के तीसरे सीजन का सातवां मुकाबला था और अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया था। स्टिंग में स्पॉट-फिक्सिंग कराने का भी दावा रिपोर्ट में भाटिया ने DPL के कुछ मुकाबलों में स्पॉट-फिक्सिंग होने का दावा किया। इसमें मैच की किसी खास घटना को प्रभावित करने और रन-आउट जैसी स्थिति कराने की बात भी सामने आई। DPL खिलाड़ी ने भी फिक्सिंग अप्रोच की शिकायत की मामले में एक अलग घटनाक्रम भी सामने आया है। DDCA के मुताबिक, सेंट्रल दिल्ली किंग्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज वंश बेदी ने DPL के दौरान कथित फिक्सिंग अप्रोच की जानकारी एंटी करप्शन विंग को दी थी। DDCA के एक अधिकारी के अनुसार, यह अप्रोच उत्तर प्रदेश के एक खिलाड़ी की ओर से की गई थी, जो उस समय उत्तर प्रदेश की एक टी-20 लीग में भी खेल रहा था। वंश बेदी को लेकर स्थिति साफ है स्टिंग की रिपोर्ट में उस कथित सूचना-स्रोत का नाम नहीं दिया गया है, जिसके जरिए IPL और DPL की अंदरूनी जानकारी मिलने का दावा किया गया था। बाद की कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया चर्चाओं में वंश बेदी का नाम जोड़ा गया, क्योंकि वह चेन्नई सुपर किंग्स के स्क्वॉड का हिस्सा रह चुके हैं और DPL में सेंट्रल दिल्ली के लिए खेले। DDCA ने कहा- आरोप अभी साबित नहीं हुए DDCA ने अपने बयान में कहा कि मीडिया रिपोर्टों में सामने आए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। संघ के मुताबिक किसी व्यक्ति, खिलाड़ी या फ्रेंचाइजी के बारे में केवल आरोपों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। DDCA सचिव अशोक शर्मा ने BCCI को पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है। संघ अब यह जानना चाहता है कि तहलका स्टिंग में लगाए गए आरोपों और DPL में रिपोर्ट की गई कथित फिक्सिंग अप्रोच पर आगे की जांच किस प्रक्रिया से की जाए। DPL में एंटी करप्शन व्यवस्था कैसी थी? DDCA ने बताया कि DPL के तीसरे सीजन में एंटी करप्शन व्यवस्था पर करीब 30-35 लाख रुपए खर्च किए गए थे। BCCI से जुड़े विशेष एंटी करप्शन अधिकारी सभी आठ टीमों के साथ तैनात थे। इन अधिकारियों की टीम खिलाड़ियों की बसों के साथ रहती थी और होटल में भी मौजूद रहती थी। आरोप सिर्फ DPL तक सीमित नहीं दिल्ली प्रीमियर लीग क्या है? दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) की टी-20 फ्रेंचाइजी लीग है। टूर्नामेंट में दिल्ली की अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेती हैं और मुकाबले टी-20 फॉर्मेट में खेले जाते हैं। DPL का तीसरा सीजन 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक खेला गया। इसमें आठ टीमें शामिल थीं। फाइनल में साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज ने सेंट्रल दिल्ली किंग्स को हराकर खिताब जीता। 2013 में श्रीसंत का नाम आया था 2013 के IPL स्पॉट-फिक्सिंग कांड के बाद BCCI ने एंटी करप्शन सिस्टम (ACU) को और सख्त किया। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को या बुकी के संपर्क की जानकारी तुरंत ACU को देना जरूरी है। जांच के दौरान फोन, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं, जबकि दोष साबित होने पर अपराध की गंभीरता के अनुसार कई साल से लेकर आजीवन प्रतिबंध तक की सजा हो सकती है। 2013 मामले में एस. श्रीसंत, अंकित चव्हाण, अजीत चंडिला, सिद्धार्थ त्रिवेदी, अमित सिंह समेत कई खिलाड़ियों पर कार्रवाई हुई, जबकि बाद के मामलों में हिकेन शाह पर 5 साल का प्रतिबंध लगाया गया।
दिल्ली लीग में फिक्सिंग की जांच करेगा DDCA:BCCI से मांगी गाइडलाइन; पूर्व रणजी खिलाड़ी के स्टिंग में स्पॉट-फिक्सिंग के दावे

