भारतीय किसान यूनियन भानु ने सोमवार दोपहर अमरोहा डीएम को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें संगठन ने अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह की ओर से भेजे गए इस मांग पत्र में जल्द कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि देश में किसान आयोग का गठन हो। आयोग में साफ छवि वाले किसान नेता को ही अध्यक्ष और सदस्य बनाया जाए। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए हर अनाज मंडी में सरकारी और निजी खरीद केंद्र (प्राकृतिक उत्पाद) की दुकान जरूरी हो। प्राकृतिक अनाज के दाम रासायनिक उत्पादों से कम से कम तीन गुना तय किए जाएं। किसानों को राशन और सम्मान निधि जैसे सहयोग बंद करके डीजल, पेट्रोल, बिजली और गैस जैसी जरूरी चीजों के दाम आधे किए जाएं। आजीवन कारावास की सजा का नियम लागू हो शिक्षा और इलाज के नाम पर गांव और जिला स्तर पर फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकारी कर्मचारियों और नेताओं के बच्चों की शिक्षा सरकारी स्कूलों में और इलाज सरकारी अस्पतालों में अनिवार्य किया जाए। भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाने वाले किसी भी सरकारी कर्मचारी या नेता की पूरी संपत्ति जब्त कर आजीवन कारावास की सजा का नियम लागू हो। जब हर गाड़ी से रजिस्ट्रेशन के समय सड़क टैक्स लिया जाता है, तो टोल टैक्स क्यों? इसलिए पूरे भारत में सभी टोल नाके जनता के लिए मुफ्त किए जाएं। जवानों और किसानों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर सहायता राशि तुरंत दोगुनी की जाए। ज्ञापन के आखिर में कहा गया है कि सरकार जल्द ही संगठन के बड़े नेताओं से बात करके इन मांगों को लागू करे। अगर ऐसा नहीं होता है, तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।

