रामपुर में पर्यूषण पर्व आयोजित:नमन जैन बोले- आंतरिक विकार जीतो, क्रोध लोभ छोड़कर करो आत्मविजय हासिल

रामपुर में पर्यूषण पर्व आयोजित:नमन जैन बोले- आंतरिक विकार जीतो, क्रोध लोभ छोड़कर करो आत्मविजय हासिल

रामपुर में पर्यूषण पर्व के दौरान सोमवार को रामपुर के जैन मंदिरों में उत्तम संयम धर्म की विशेष आराधना के साथ श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो गया। शाम को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित भव्य महाआरती में करीब 201 दीपकों की रोशनी से श्रीजी का दरबार जगमगा उठा। दीपों की कतार और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। 84 कोस मथुरा से रामपुर पहुंचे शास्त्री नमन जैन और शास्त्री आर्जव जैन ने श्रद्धालुओं को उत्तम संयम धर्म का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि संयम केवल इंद्रियों को रोकना नहीं, बल्कि मन, वचन और शरीर को मर्यादित रखते हुए भीतर के विकारों पर विजय प्राप्त करना है। क्रोध, लोभ, अहंकार और असंयमित वाणी पर नियंत्रण आत्मविजय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बच्चों के लिए भजन प्रतियोगिता आयोजित की गई। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ भगवान के भजन प्रस्तुत किए। बच्चों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में धर्म चक्र कार्यक्रम आयोजित हुआ। वहीं ज्ञान माला सेवा समिति की ओर से भव्य महाआरती की गई। श्रद्धालु अपने घरों से सजाकर आरती की थालियां लेकर पहुंचे। महाआरती के दौरान भाव नृत्य के बाद करीब 201 दीपकों से श्रीजी की आरती की गई। इस मौके पर दिनेश जैन खंडेलवाल, प्रदीप कुमार जैन, एडवोकेट प्रमोद कुमार जैन, अविरल जैन, विशाल जैन, आशीष जैन, दिनेश जैन सेठी, डॉ. शीनू जैन, डॉ. ज्ञानेंद्र जैन, अलका जैन, राजीव जैन समेत बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।

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