डिजिटल पत्रकार से मारपीट में पत्रकार संघ का विरोध मार्च:अररिया में मंत्री दिलीप जायसवाल ने की निंदा, प्रशासन को सौंपा मेमोरैंडम

डिजिटल पत्रकार से मारपीट में पत्रकार संघ का विरोध मार्च:अररिया में मंत्री दिलीप जायसवाल ने की निंदा, प्रशासन को सौंपा मेमोरैंडम

सहरसा में एक डिजिटल पत्रकार के साथ मारपीट और बदसलूकी की घटना से बिहार के पत्रकार नाराज हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने अपने दौरे के दौरान इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इसकी निंदा की। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। पत्रकारों को स्वतंत्रता और पारदर्शिता के साथ काम करने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि किसी भी गलती को छिपाने के लिए पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग इस घटना के विरोध में अररिया जिला पत्रकार संघ ने प्रेस भवन में एक बैठक बुलाई। अध्यक्ष राकेश कुमार उर्फ मंटू भगत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों ने हिस्सा लिया। बैठक में शामिल वक्ताओं ने सहरसा समेत देश के कई हिस्सों में पत्रकारों पर हो रहे हमलों की निंदा की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की। पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह ने पत्रकारों को अपने अधिकार और दायित्व पहचानने की बात कही। उन्होंने नए पत्रकारों के लिए कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव भी दिया। पत्रकारों ने विरोध मार्च निकाला वरिष्ठ पत्रकार मृगेंद्र मणि सिंह ने कहा कि संघ पत्रकारों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। उपाध्यक्ष चंदन कुमार लालू ने संतुलित और तथ्यपरक पत्रकारिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के दावों और जमीनी सच्चाई दोनों पर ध्यान देना चाहिए। बैठक खत्म होने के बाद पत्रकारों ने विरोध मार्च निकाला। यह मार्च प्रेस भवन से शुरू होकर काली मंदिर, चांदनी चौक और एसडीओ आवास होते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। पत्रकारों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चौथे स्तंभ की सुरक्षा की मांग की। सहरसा में एक डिजिटल पत्रकार के साथ मारपीट और बदसलूकी की घटना से बिहार के पत्रकार नाराज हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने अपने दौरे के दौरान इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इसकी निंदा की। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। पत्रकारों को स्वतंत्रता और पारदर्शिता के साथ काम करने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि किसी भी गलती को छिपाने के लिए पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग इस घटना के विरोध में अररिया जिला पत्रकार संघ ने प्रेस भवन में एक बैठक बुलाई। अध्यक्ष राकेश कुमार उर्फ मंटू भगत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों ने हिस्सा लिया। बैठक में शामिल वक्ताओं ने सहरसा समेत देश के कई हिस्सों में पत्रकारों पर हो रहे हमलों की निंदा की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की। पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह ने पत्रकारों को अपने अधिकार और दायित्व पहचानने की बात कही। उन्होंने नए पत्रकारों के लिए कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव भी दिया। पत्रकारों ने विरोध मार्च निकाला वरिष्ठ पत्रकार मृगेंद्र मणि सिंह ने कहा कि संघ पत्रकारों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। उपाध्यक्ष चंदन कुमार लालू ने संतुलित और तथ्यपरक पत्रकारिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के दावों और जमीनी सच्चाई दोनों पर ध्यान देना चाहिए। बैठक खत्म होने के बाद पत्रकारों ने विरोध मार्च निकाला। यह मार्च प्रेस भवन से शुरू होकर काली मंदिर, चांदनी चौक और एसडीओ आवास होते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। पत्रकारों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चौथे स्तंभ की सुरक्षा की मांग की।  

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