Milan Pradhan Arrest: नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए इसे विपक्ष को डराने-धमकाने की कोशिश बताया है।
Nandigram Bypoll 2026: पश्चिम बंगाल की हाई प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पुलिस ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक होटल से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 2007 के जमीन अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े एक पुराने कथित हत्या के मामले में की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने पुलिस और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार के डर से बीजेपी ने विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने की राजनीति का सहारा लिया है।
कांग्रेस ने पूछा- उम्मीदवार बनने के बाद क्यों याद आया केस
पुलिस की कार्रवाई के मकसद पर सवाल उठाते हुए राज्य कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि गिरफ्तारी का आधार बना मामला कई साल पुराना है। उन्होंने बताया कि मिलन प्रधान लंबे समय से बिना किसी रोक-टोक के घूम रहे थे और इस मामले का कहीं कोई जिक्र नहीं था। लेकिन, जैसे ही वे कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार बने, उन्हें अचानक एक होटल से हिरासत में ले लिया गया।
शुभंकर सरकार ने कहा कि चुनाव उम्मीदवार को घर-घर जाकर प्रचार करने, नुक्कड़ सभाएं करने और रोज लोगों से जुड़ने की जरूरत होती है। पुलिस के पास उन्हें बुलाने का पूरा मौका था, उन्हें होटल से उठाने की क्या जल्दी थी? इससे साफ पता चलता है कि बंगाल में विपक्ष को डराने-धमकाने का एक नया तरीका शुरू किया गया है।
किसी को नहीं पता कि मिलन प्रधान कहां हैं : शुभंकर सरकार
शुभंकर सरकार ने प्रशासन और चुनाव आयोग की चुप्पी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के कई घंटों बाद भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि मिलन प्रधान को कहां रखा गया है। उन्होंने बताया कि नंदीग्राम पुलिस स्टेशन ने कोई जानकारी नहीं दी है, चंडीपुर पुलिस स्टेशन चुप है और चुनाव आयोग के पास भी कोई जवाब नहीं है। शुभंकर ने कहा कि कानूनी तौर पर जब आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है, तो पूरा प्रशासनिक तंत्र सीधे चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आ जाता है। इसके बावजूद, किसी भी ज़िम्मेदार अधिकारी को जानकारी न होना बेहद संदिग्ध और चिंताजनक है।
घबरा गई है भाजपा : शुभंकर सरकार
शुभंकर सरकार ने कहा कि मिलन प्रधान नंदीग्राम की मिट्टी के बेटे हैं और वहां का हर वोटर उस लीडरशिप और संघर्ष को अच्छी तरह जानता है जो उन्होंने 2007 के ऐतिहासिक जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दिखाया था। शुभंकर ने कहा कि ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान के हटने और विपक्ष में दिख रही एकता की वजह से बीजेपी घबरा गई है। इसी डर की वजह से चुनाव से पहले मैदान खाली कराने की साजिश रची जा रही है।
कोर्ट और सड़क पर लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस
शुभंकर सरकार ने कहा कि कांग्रेस ऐसी कार्रवाई के आगे नहीं झुकेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस गिगिरफ्तारी को कोर्ट में कानूनी तौर पर चुनौती देगी और साथ ही इस तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर भी राजनीतिक लड़ाई भी लड़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार मजबूती से डटे रहेंगे और आने वाले दिनों में पार्टी का हर प्रतिनिधि लोगों की आवाज उठाने के लिए नंदीग्राम की सड़कों पर उतरेगा।

