बिहार के मजदूर की आंध्र प्रदेश में पीट-पीट कर हत्या का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गोपालगंज के विश्मभरपुर थाना क्षेत्र के तिवारी मटिहनीया गांव निवासी चांद मोहम्मद (38) के रूप में हुई है। मृतक के भाई आजाद आलम का आरोप है कि आंध्र प्रदेश के अनंतपुरमु जिले में स्थानीय निवासी से भाषा को लेकर विवाद हुआ था। वहां के लोग हिंदी की जगह लोकल लैग्वेज में बात करने को कह रहे थे, इसी में बात बढ़ी और आरोपी ने वेल्डिंग की दुकान में रखे लोहे के पाइप से उसके सिर पर हमला किया। परिवार ने बताया कि ठेकेदार ने इलाज में मदद नहीं की, जिसके बाद फैमिली चांद मोहम्मद को लेकर गोपालगंज लौट रही थी, रास्ते में उनकी मौत हो गई। रविवार को परिवार चांद मोहम्मद का शव लेकर पैतृक गांव पहुंचा। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी वारदात…. 10 दिन पहले काम करने आंध्र प्रदेश गया था चांद मोहम्मद पिछले दो साल से पुणे में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था। वह वेंडर का काम कर परिवार का गुजारा करता था। करीब दस दिन पहले एक ठेकेदार उसे वेल्डिंग के काम के लिए आंध्र प्रदेश के अनंतपुरमु के येर्रागुंटा गेट स्थित एक वेल्डिंग की दुकान पर ले गया था। 8 सितंबर को भाषा को लेकर विवाद हुआ: भाई चांद मोहम्मद के भाई आजाद आलम ने बताया, 8 सितंबर की रात आरोपी गुटी करीमुल्ला और चांद मोहम्मद के बीच झगड़ा हुआ। हिन्दी और वहां की भाषा को लेकर बहस हुई। विवाद बढ़ा तो आरोपी ने लोहे की रॉड से सिर पर मार दिया। जिससे वो लहूलुहान हो गए। गोपालगंज लाते समय रास्ते में मौत हो गई।
खून से लथपथ चांद को सड़क पर छोड़ा आजाद आलम का कहना है, हमले में चांद मोहम्मद खून से लथपथ हो गया। आरोपी उसे दुकान के सामने घायल छोड़कर भाग गया। 9 सितंबर की सुबह येर्रागुंटा गांव के कुछ लोगों ने उसे बेहोश और खून से लथपथ पड़ा देखा। उन्होंने दुकान के मालिक महबूब बाशा को इसकी जानकारी दी। फिर दुकानदार ने चांद की पत्नी रजिया खातून को घटना के बारे में बताया। ठेकेदार ने इलाज कराने से मना किया परिवार के मुताबिक चांद मोहम्मद को एम्बुलेंस से VIMS अस्पताल, बल्लारी ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। जख्मी चांद का इलाज करवाने से ठेकेदार ने मना कर दिया, जिसके बाद परिजन उसे अपने गृह जिला गोपालगंज लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर मॉडल अस्पताल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद रजिया ने कानेकल पुलिस स्टेशन पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई। पत्नी की शिकायत में भाषा विवाद का जिक्र नहीं मृतक चांद मोहम्मद की पत्नी रजिया खातून ने आंध्र प्रदेश के कानेकल पुलिस स्टेशन में आरोपी गुटी करीमुल्ला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, FIR में भाषा को लेकर हुई लड़ाई का जिक्र नहीं है। शिकायत में कहा गया, वेल्डिंग की दुकान में चांद और गुटी करीमुल्ला के बीच किसी बात लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद बात बढ़ी और लोहे की रॉड से आरोपी ने सिर पर मारा गया। चांद अकेला कमाने वाला था चांद मोहम्मद अपने पूरे परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था। एक महीने पहले ही उसकी मां की बीमारी के कारण मौत हुई थी। पिता की मौत के बाद पूरा परिवार उसी पर आश्रित था, उसकी मौत के बाद पांच बच्चों पत्नी दो भाइयों और बहन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के भाई आजाद आलम ने बताया, आंध्र प्रदेश में काम करते हुए हमारे 10 दिन हुए थे। मजदूरी करने गए थे, सोचा भी नहीं था कि ऐसा कुछ होगा। पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। आंध्र पुलिस का भाषा विवाद से इनकार वहीं आंध्र प्रदेश के कनेकल थाना के सब इंस्पेक्टर रसूल गोपालगंज पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। उन्होंने भाषा विवाद वाली बात से इनकार किया है। उनका कहना था कि आरोपी और मृतक साथ में ही काम करते थे। दोनों ने घटना की रात शराब पी और किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान वेंडिग दुकान में ही रखे लोहे के रॉड से सिर पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गया और कोमा में चला लगा। लेकिन परिजन इतनी बड़ी क्रिटिकल पोजिशन में उसे लेकर वहां से निकल गए, जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है बिहार के मजदूर की आंध्र प्रदेश में पीट-पीट कर हत्या का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गोपालगंज के विश्मभरपुर थाना क्षेत्र के तिवारी मटिहनीया गांव निवासी चांद मोहम्मद (38) के रूप में हुई है। मृतक के भाई आजाद आलम का आरोप है कि आंध्र प्रदेश के अनंतपुरमु जिले में स्थानीय निवासी से भाषा को लेकर विवाद हुआ था। वहां के लोग हिंदी की जगह लोकल लैग्वेज में बात करने को कह रहे थे, इसी में बात बढ़ी और आरोपी ने वेल्डिंग की दुकान में रखे लोहे के पाइप से उसके सिर पर हमला किया। परिवार ने बताया कि ठेकेदार ने इलाज में मदद नहीं की, जिसके बाद फैमिली चांद मोहम्मद को लेकर गोपालगंज लौट रही थी, रास्ते में उनकी मौत हो गई। रविवार को परिवार चांद मोहम्मद का शव लेकर पैतृक गांव पहुंचा। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी वारदात…. 10 दिन पहले काम करने आंध्र प्रदेश गया था चांद मोहम्मद पिछले दो साल से पुणे में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था। वह वेंडर का काम कर परिवार का गुजारा करता था। करीब दस दिन पहले एक ठेकेदार उसे वेल्डिंग के काम के लिए आंध्र प्रदेश के अनंतपुरमु के येर्रागुंटा गेट स्थित एक वेल्डिंग की दुकान पर ले गया था। 8 सितंबर को भाषा को लेकर विवाद हुआ: भाई चांद मोहम्मद के भाई आजाद आलम ने बताया, 8 सितंबर की रात आरोपी गुटी करीमुल्ला और चांद मोहम्मद के बीच झगड़ा हुआ। हिन्दी और वहां की भाषा को लेकर बहस हुई। विवाद बढ़ा तो आरोपी ने लोहे की रॉड से सिर पर मार दिया। जिससे वो लहूलुहान हो गए। गोपालगंज लाते समय रास्ते में मौत हो गई।
खून से लथपथ चांद को सड़क पर छोड़ा आजाद आलम का कहना है, हमले में चांद मोहम्मद खून से लथपथ हो गया। आरोपी उसे दुकान के सामने घायल छोड़कर भाग गया। 9 सितंबर की सुबह येर्रागुंटा गांव के कुछ लोगों ने उसे बेहोश और खून से लथपथ पड़ा देखा। उन्होंने दुकान के मालिक महबूब बाशा को इसकी जानकारी दी। फिर दुकानदार ने चांद की पत्नी रजिया खातून को घटना के बारे में बताया। ठेकेदार ने इलाज कराने से मना किया परिवार के मुताबिक चांद मोहम्मद को एम्बुलेंस से VIMS अस्पताल, बल्लारी ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। जख्मी चांद का इलाज करवाने से ठेकेदार ने मना कर दिया, जिसके बाद परिजन उसे अपने गृह जिला गोपालगंज लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर मॉडल अस्पताल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद रजिया ने कानेकल पुलिस स्टेशन पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई। पत्नी की शिकायत में भाषा विवाद का जिक्र नहीं मृतक चांद मोहम्मद की पत्नी रजिया खातून ने आंध्र प्रदेश के कानेकल पुलिस स्टेशन में आरोपी गुटी करीमुल्ला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, FIR में भाषा को लेकर हुई लड़ाई का जिक्र नहीं है। शिकायत में कहा गया, वेल्डिंग की दुकान में चांद और गुटी करीमुल्ला के बीच किसी बात लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद बात बढ़ी और लोहे की रॉड से आरोपी ने सिर पर मारा गया। चांद अकेला कमाने वाला था चांद मोहम्मद अपने पूरे परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था। एक महीने पहले ही उसकी मां की बीमारी के कारण मौत हुई थी। पिता की मौत के बाद पूरा परिवार उसी पर आश्रित था, उसकी मौत के बाद पांच बच्चों पत्नी दो भाइयों और बहन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के भाई आजाद आलम ने बताया, आंध्र प्रदेश में काम करते हुए हमारे 10 दिन हुए थे। मजदूरी करने गए थे, सोचा भी नहीं था कि ऐसा कुछ होगा। पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। आंध्र पुलिस का भाषा विवाद से इनकार वहीं आंध्र प्रदेश के कनेकल थाना के सब इंस्पेक्टर रसूल गोपालगंज पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। उन्होंने भाषा विवाद वाली बात से इनकार किया है। उनका कहना था कि आरोपी और मृतक साथ में ही काम करते थे। दोनों ने घटना की रात शराब पी और किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान वेंडिग दुकान में ही रखे लोहे के रॉड से सिर पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गया और कोमा में चला लगा। लेकिन परिजन इतनी बड़ी क्रिटिकल पोजिशन में उसे लेकर वहां से निकल गए, जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है

