नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक मामले की जांच को लेकर केरलम पुलिस की टीम रविवार को भागलपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से केरल पुलिस ने शहर के कई थाना क्षेत्रों में एक साथ रात भर छापेमारी की। जोगसर, तातारपुर और हबीबपुर समेत अन्य इलाकों में संदिग्ध ठिकानों पर देर रात तक कार्रवाई चलती रही। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस दौरान एक महिला समेत चार लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, देर रात तक कार्रवाई जारी रहने के कारण पुलिस की ओर से गिरफ्तारियों और बरामदगी को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इनमें से कुछ सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया जा रहा था। पुलिस अब बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने में जुट सकती है कि इनका इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क करने और किस तरह की गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। ब्राउन शुगर और हथियार मिलने की भी सूचना छापेमारी के दौरान ब्राउन शुगर और अवैध हथियार मिलने की भी सूचना है। हालांकि, बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा, हथियारों की संख्या और अन्य सामान के संबंध में पुलिस की ओर से देर रात तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही बरामदगी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि केरल पुलिस जिस मामले की जांच कर रही है, उसके तार भागलपुर से जुड़े हैं। इसी कड़ी में स्थानीय स्तर पर संदिग्धों और उनके ठिकानों की पहचान कर छापेमारी की गई। पुलिस की कार्रवाई से यह भी संकेत मिल रहा है कि जांच केवल स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क और दूसरे राज्यों से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। एनडीपीएस एक्ट से जुड़ा बताया जा रहा मामला सिटी एसपी अतुलेश ने बताया कि केरल पुलिस की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है। प्रारंभिक जांच में मामला एनडीपीएस एक्ट से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि छापेमारी पूरी होने के बाद केरल पुलिस के साथ समन्वय कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद नशीले पदार्थों की सप्लाई, इसके स्रोत और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जांच में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। इनके जरिए संदिग्धों के संपर्क में रहने वाले लोगों की पहचान करने की कोशिश की जाएगी। पूछताछ के बाद सामने आएगा पूरा नेटवर्क पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भागलपुर में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कहां से होती थी और इसका नेटवर्क किन-किन इलाकों तक फैला हुआ है। साथ ही केरल से भागलपुर तक सामने आए संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। देर रात तक कई स्थानों पर पुलिस की कार्रवाई जारी थी। ऐसे में पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी, बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का विस्तृत खुलासा नहीं किया। संभावना है कि आज वरीय पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जानकारी साझा करेंगे। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई में कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई, कितना ब्राउन शुगर और कितने हथियार बरामद हुए तथा केरल के मामले से भागलपुर में पकड़े गए संदिग्धों का क्या संबंध है। नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक मामले की जांच को लेकर केरलम पुलिस की टीम रविवार को भागलपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से केरल पुलिस ने शहर के कई थाना क्षेत्रों में एक साथ रात भर छापेमारी की। जोगसर, तातारपुर और हबीबपुर समेत अन्य इलाकों में संदिग्ध ठिकानों पर देर रात तक कार्रवाई चलती रही। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस दौरान एक महिला समेत चार लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, देर रात तक कार्रवाई जारी रहने के कारण पुलिस की ओर से गिरफ्तारियों और बरामदगी को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इनमें से कुछ सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया जा रहा था। पुलिस अब बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने में जुट सकती है कि इनका इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क करने और किस तरह की गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। ब्राउन शुगर और हथियार मिलने की भी सूचना छापेमारी के दौरान ब्राउन शुगर और अवैध हथियार मिलने की भी सूचना है। हालांकि, बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा, हथियारों की संख्या और अन्य सामान के संबंध में पुलिस की ओर से देर रात तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही बरामदगी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि केरल पुलिस जिस मामले की जांच कर रही है, उसके तार भागलपुर से जुड़े हैं। इसी कड़ी में स्थानीय स्तर पर संदिग्धों और उनके ठिकानों की पहचान कर छापेमारी की गई। पुलिस की कार्रवाई से यह भी संकेत मिल रहा है कि जांच केवल स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क और दूसरे राज्यों से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। एनडीपीएस एक्ट से जुड़ा बताया जा रहा मामला सिटी एसपी अतुलेश ने बताया कि केरल पुलिस की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है। प्रारंभिक जांच में मामला एनडीपीएस एक्ट से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि छापेमारी पूरी होने के बाद केरल पुलिस के साथ समन्वय कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद नशीले पदार्थों की सप्लाई, इसके स्रोत और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जांच में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। इनके जरिए संदिग्धों के संपर्क में रहने वाले लोगों की पहचान करने की कोशिश की जाएगी। पूछताछ के बाद सामने आएगा पूरा नेटवर्क पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भागलपुर में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कहां से होती थी और इसका नेटवर्क किन-किन इलाकों तक फैला हुआ है। साथ ही केरल से भागलपुर तक सामने आए संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। देर रात तक कई स्थानों पर पुलिस की कार्रवाई जारी थी। ऐसे में पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी, बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का विस्तृत खुलासा नहीं किया। संभावना है कि आज वरीय पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जानकारी साझा करेंगे। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई में कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई, कितना ब्राउन शुगर और कितने हथियार बरामद हुए तथा केरल के मामले से भागलपुर में पकड़े गए संदिग्धों का क्या संबंध है।

