शहर में रोजाना आने-जाने वाले मालवाहक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सिटी लॉजिस्टिक प्लान (सीएलपी) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसमें शहर की आउटर और इनर सड़कों को जोड़कर ट्रकों की आवाजाही का व्यवस्थित नेटवर्क तैयार करने का प्रस्ताव है। ड्राफ्ट में यह भी देखा गया है कि शहर के अलग-अलग प्रवेश और निकास बिंदुओं पर किस समय कितने ट्रक पहुंचते हैं। खासतौर पर पीक ऑवर में ट्रकों की आवाजाही और इससे यातायात पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में माल ढुलाई का भी हिसाब
प्लान तैयार करने के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचने वाले ट्रकों की संख्या और उनकी आवाजाही को भी शामिल किया गया है। किस क्षेत्र में माल ढुलाई के लिए कितने वाहन पहुंचते हैं और उनके आने-जाने का पैटर्न क्या है, इसका डेटा भी ड्राफ्ट का हिस्सा है। इसके अलावा एनसीआर के दूसरे जिलों से रोजाना नोएडा आने वाले ट्रकों की संख्या और उनकी आवाजाही का भी अध्ययन किया गया है। करीब 24 घंटे के ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण करने के बाद ड्राफ्ट तैयार किया गया है। रूट तय करने से लेकर ट्रैफिक दबाव कम करने की योजना
ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि सिटी लॉजिस्टिक प्लान का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इसमें ट्रकों की मौजूदा आवाजाही, औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरत और शहर के प्रमुख प्रवेश-निकास मार्गों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्लान का मकसद ट्रकों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और भविष्य में बढ़ने वाली लॉजिस्टिक जरूरतों के हिसाब से सड़क नेटवर्क तैयार करना है। ड्राफ्ट को समिति के सामने रखा जाएगा। समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे प्राधिकरण बोर्ड और फिर शासन को भेजा जाएगा। यूपी के तीन शहरों में नोएडा भी शामिल
केंद्र सरकार ने देश के 25 राज्यों के 100 से ज्यादा शहरों में सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने की योजना शुरू की है। उत्तर प्रदेश से नोएडा, वाराणसी और मुरादाबाद को इसमें शामिल किया गया है। नोएडा में सर्वे का काम जून तक पूरा किया जाना था। अब प्राधिकरण ने ड्राफ्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसीईओ की अध्यक्षता में समिति करेगी ड्राफ्ट की समीक्षा
सीएलपी के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक समिति भी बनाई है। एसीईओ इसके अध्यक्ष हैं। समिति में सिविल और नियोजन विभाग के दोनों महाप्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक और औद्योगिक विभाग के एजीएम शामिल हैं। आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को भी समिति में शामिल किया गया है। समिति ड्राफ्ट की समीक्षा करने के बाद इसे आगे बोर्ड के सामने रखने की प्रक्रिया पूरी करेगी।

