गोंडा में प्रदेश के सबसे बड़े कजरी तीज मेले की शुरुआत रविवार सुबह 6 बजे से हो गई। मेला 14 सितंबर की रात 12 बजे तक चलेगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए गोंडा और देवीपाटन रेंज के साथ पूरे गोरखपुर जोन की पुलिस फोर्स लगाई गई है। जिले को 4 जोन और 16 सेक्टर में बांटकर निगरानी की जा रही है। सुरक्षा में 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनमें 4 एडिशनल एसपी, 21 सीओ, 10 इंस्पेक्टर, 4 प्लाटून पीएसी, 1 प्लाटून एसडीआरएफ और डेढ़ सेक्शन फ्लड पीएसी शामिल है। पुलिस के साथ प्रशासन ने तकनीक का भी सहारा लिया है। 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। हर दो किलोमीटर पर एक पुलिस मोबाइल टीम तैनात है। ऐसी कुल 51 टीमें लगातार भ्रमण करेंगी। कांवड़ यात्रा के दोनों प्रमुख रास्तों पर ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन को इस बार करीब 18 लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने की उम्मीद है। पिछले साल 15 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। इस बार भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरयू कटरा घाट से पृथ्वीनाथ मंदिर और सरयू कटरा घाट करनैलगंज से बाबा दुखहरण नाथ मंदिर तक अलग-अलग स्थानों पर 12 बैरियर लगाए गए हैं। पृथ्वीनाथ मंदिर से करीब एक किलोमीटर पहले बांस, बल्ली और लोहे की मजबूत रेलिंग लगाकर बैरिकेडिंग की गई है। यहां महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन बनाई गई है। गोंडा शहर में भी लाल बहादुर शास्त्री चौराहे से बाबा दुखहरण नाथ मंदिर तक दोनों तरफ लोहे की रेलिंग लगाई गई है। जगह-जगह श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित करते हुए उन्हें धीरे-धीरे मंदिर की ओर भेजा जा सके। एलबीएस चौराहे से बड़गांव तक दोपहर बाद बंद रहेगा ट्रैफिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए रविवार दोपहर 3 बजे के बाद लाल बहादुर शास्त्री चौराहे से बड़गांव तक वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान सिर्फ इमरजेंसी वाहनों को जाने की अनुमति होगी। प्रशासन ने पहले ही रूट डायवर्जन लागू कर दिया है, जो 15 सितंबर सुबह 8 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही रविवार सुबह 6 बजे से जिले की सभी सीमाओं पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। इमरजेंसी वाहनों को छोड़कर भारी वाहनों को जिले की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की टीमें डायवर्जन वाले रास्तों पर भी लगातार निगरानी रखेंगी।
दोनों कांवड़ मार्गों पर मेडिकल टीमें, 50 से ज्यादा एंबुलेंस तैयार मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं। सरयू कटरा घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर और सरयू कटरा घाट से बाबा दुखहरण नाथ मंदिर तक दोनों मार्गों पर बड़ी संख्या में मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। जगह-जगह डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहेंगे। किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर मौके पर इलाज और दवा उपलब्ध कराई जाएगी। दोनों रूटों पर 50 से ज्यादा एंबुलेंस लगाई गई हैं। जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। रास्ते में पड़ने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों को इमरजेंसी दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया है।
डीआईजी बोले- पूरे गोरखपुर जोन की फोर्स लगी, हर गतिविधि पर नजर कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि यह प्रदेश का सबसे बड़ा मेला है और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। डीएम ने बताया कि पिछले साल 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया था, जबकि इस बार 18 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। गोंडा एसपी अभिषेक झा ने कहा कि सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है और बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई है। डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने बताया कि पूरे गोरखपुर जोन की पुलिस फोर्स को मेले की सुरक्षा में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मेले के दौरान सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।

