करोड़पति कारोबारी के मर्डर में पुलिस जांच पर उठे सवाल:वकील बोले– जेल में बंद बहू का मोबाइल ऑन कैसे, हत्या के बाद बेटा बैंक क्यों गया

करोड़पति कारोबारी के मर्डर में पुलिस जांच पर उठे सवाल:वकील बोले– जेल में बंद बहू का मोबाइल ऑन कैसे, हत्या के बाद बेटा बैंक क्यों गया

कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा मर्डर केस में अब पुलिस की जांच पर ही सवाल उठने लगे हैं। जेल में बंद आरोपी बहू शालू के वकील ने दावा किया है कि पुलिस ने शालू का मोबाइल कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है, फिर भी वह 7 दिन बाद तक एक्टिव कैसे रहा? वकील के मुताबिक, शनिवार सुबह इंस्टाग्राम पर इस मोबाइल का लास्ट सीन 10.03 बजे तक दिखाई दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मोबाइल पुलिस की कस्टडी में है तो उसे कौन चला रहा है और उससे डाटा या चैट बाहर कैसे आ रही है? उनका कहना है कि 5 सितंबर की रात पिता विनीत मिनोचा की हत्या के बाद उनका बेटा सुब्रत बैंक क्यों गया था, इसकी भी जांच होनी चाहिए। आधार कार्ड से क्यों नहीं हुई मोबाइल नंबरों की जांच वकील शिवाकांत दीक्षित ने सीधे तौर पर भले ही नहीं, लेकिन पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए है। वकील का वीडियो जारी होने के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डीसीपी वेस्ट ने कहा कि उन्हें शालू के एक मोबाइल की जानकारी थी, जिसे कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। उसमें दो नंबर एक्टिव हैं। वकील किस मोबाइल नंबर के एक्टिव होने की बात कह रहे है, इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही पूरा मामला साफ हो सकेगा। डीसीपी के इस जवाब के बाद एक सवाल और खड़ा हुआ कि किसी भी व्यक्ति के पास कितने मोबाइल नंबर है, इसका पता मात्र आधार कार्ड के पता चल जाएगा। पता चलेगा कि उसके नाम से कितने नंबर एक्टिवेट हैं। इस मामले में आखिर पुलिस ने शालू के नंबरों का अब तक पता क्यों नहीं लगाया? इंस्टाग्राम पर सुबह 10:03 बजे दिखा लास्ट सीन वकील शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि शनिवार शाम 2 मिनट 6 सेकेंड का वीडियो जारी कर बताया कि 5 सितंबर को दवा कारोबारी विनीत मिनोचा गला काटकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद सुपारी किलर विशाल गौतम के कहने पर पुलिस ने कारोबारी की बहू शालू मिनोचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस दौरान पुलिस ने शालू का मोबाइल भी अपनी कस्टडी में लिया था। दो दिन पहले शालू की बहन सोनिया मेहरोत्रा और भाई धीरज अरोड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा जाहिर किया था। उन्हें भरोसा था कि पुलिस की जांच में शालू निर्दोष साबित होगी, लेकिन इधर कुछ दिनों से कुछ नए तथ्य प्रकाश में आए हैं, जो मामले की जांच कर रहे कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव तिवारी के संज्ञान में डाले गए है, फिर भी उन तथ्यों से मुकदमे की जांच में असर पड़ रहा है। जिसमें अहम तथ्य है कि शालू का मोबाइल एक्टिव है, शनिवार सुब 10 बजे तक शालू का एक्टिव था। इंस्टाग्राम पर लास्ट सीन दोपहर 10:03 बजे का है। अधिवक्ता ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शालू का मोबाइल पुलिस के पास होने से एक्टिव है, तो उससे जांच में असर पड़ रहा है। शालू के खिलाफ एक अलग माहौल तैयार किया जा रहा अधिवक्ता ने शालू के पति सुब्रत की ओर इशारा करते हुए कहा कि उससे गंभीर बात यह है शालू का मोबाइल अगर तीसरे व्यक्ति के पास है, तो उसी के जरिए मोबाइल की चैट, वीडियो जारी किया जा रहा है। शालू के खिलाफ एक अलग माहौल तैयार किया जा रहा है। इन सब चीजों से विवेचना में गलत असर पड़ रहा है। इन सब तथ्यों की जानकारी मुकदमे के विवेचक को दे दी गई हैं। इसके साथ ही विवेचक को यह भी बताया गया है, कि पिता की मौत के बाद चंद दिनों बाद ही सुब्रत बैंक और बिरहाना रोड स्थित अपनी दुकान पर भी गए थे। इन सब तथ्यों को संज्ञान में लाकर जांच जरूरी है, जिससे कोई निर्दोष न फंसे। वहीं बहन सोनिया मेहरोत्रा ने बताया कि शालू के पास दो मोबाइल नंबर थे, जिनके सिम एक ही हैंडसेट में थे। थाने में जब पूरे परिवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, तो शालू को छोड़कर सबको वापस भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया था। डीसीपी बोले- मोबाइल से छेड़छाड़ की तो होगी कार्रवाई इस पूरे मामले में डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि शालू की ओर से दो नंबरों की जानकारी दी गई, जिसपर उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया था। अन्य कोई नंबर उसके पति या परिवार के किसी सदस्य के पास है, तो उसकी जानकारी नहीं है। अगर उसके मोबाइल से डाटा लीक किया जा रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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