बिहार के खगड़िया में एसपी पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब राजस्थान के भरतपुर के मथुरा गेट थाने तक पहुंच गया है। IPS की पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी। उनका आरोप है कि पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। पूजा का कहना है कि मैं उनके संघर्ष में उनके साथ थी, तो आज वह भी मेरे संघर्ष में मेरे साथ रहें। मुझे यह सब नहीं करना है। मुझे तो एक नॉर्मल जिंदगी जीनी है, जिसमें मैं, मेरी बच्ची और मेरा पति तीनों साथ रहें। मेरी बच्ची मेरे लिए रोती है, लेकिन भानु मुझसे उसकी बात तक नहीं करा रहे हैं। मुझे अपनी बेटी से मिले और उसे देखे हुए 16 दिन हो गए हैं। भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उनका परिवार भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से भानुप्रताप सिंह अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में ही थे। इसी दौरान उनकी पत्नी पूजा बिहार से भरतपुर पहुंचीं। पत्नी के पहुंचने की जानकारी के बाद भानुप्रताप सिंह भरतपुर से निकल गए। पूजा ने बताया कि जब मैं भरतपुर पहुंचीं तो उनके साथ छह लोगों को सुरक्षा में भेजा गया था। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। इसके बाद वह अपने ससुराल पहुंचीं, लेकिन वहां उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। पहले ससुराल पहुंचीं, फिर ननद के घर गईं
पूजा ने पुलिस को बताया कि वह सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित ससुराल पहुंचीं। करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद वह विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं। वहां भी दरवाजा नहीं खोला गया। परेशान होकर पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद मांगी। थाने में एसएचओ ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में ही बैठी रहीं। अब जानिए कैसे शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी पूजा बताती हैं, ‘भानु के पिता फौज में थे और मेरे मौसा जी भी फौज में थे। भानु मेरे मौसा के दोस्त का बेटा है। साल 2015 में पहली बार हमलोग कोलकाता में एक फैमिली पार्टी में मिले और वह पहली नजर में ही मुझे पसंद करने लगे। फिर हमारी बातचीत शुरू हुई। कई दिनों तक हम लोग एक दूसरे से बातचीत करते रहे। उन्होंने मुझे फोन पर कई बार कहा कि मुझे पसंद करते हैं। बातचीत का सिलिसला इतना आगे बढ़ा कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। हमने जब अपने घर वालों को बताया तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। भानु के घर वाले भी राजी नहीं थे। हम लोग लगातार घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहे थे।’ मेरा रिश्ता डॉक्टर से कराना चाहते थे घरवाले पूजा ने बताया ‘एक दिन मेरे भैया के ससुराल पक्ष से मेरे लिए रिश्ता आया। लड़का बंगलौर से मुझे देखने आने वाला था। मैंने भानु को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मैं तैयारी ही कर रहा हूं मेरे जॉब का भी पता नहीं कब तक लगेगी। मैंने कहा कि मेरे परिवार वाले मुझपर दबाव डाल रहे है कि लड़का डॉक्टर है, अच्छे परिवार से है शादी कर लो। भानु ने कहा कि “पूजा अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगा? हम शादी जरूर करेंगे, अगर घर वाले नहीं मान रहे तो तुम ट्रेन पकड़ कर मेरे पास आ जाओ।” अब जानिए कब दोनों ने शादी की…घर से झूठ बोलकर भरतपुर पहुंच गई पूजा पूजा उन दिनों को याद कर बताती हैं, ‘फिर मैं रात को हावड़ा जोधपुर ट्रेन पकड़ कर भानु के पास जाने के लिए निकल गई। मैंने इस बारे में अपने घर वालों को नहीं बताया। उनको बताया कि एक दोस्त की पार्टी में जा रही हूं। मुझे आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। मैंने भरतपुर पहुंचकर मम्मी को फोन किया और सारी बातें बताई। उस वक्त भानु ने मेरी मां से बात की। उनको बताया कि आप पूजा की चिंता मत कीजिए। मैं उसको कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। 16 जनवरी 2017 को हमारी शादी हुई। उस वक्त मेरे घर से सिर्फ मेरी मां और मौसी का परिवार आया था। भानु के घर से सब लोग आए थे। उस वक्त उन्हें ऐसा लगता था कि भानु की नौकरी मेरी वजह से लगी है। पूजा ने बताया कि भानु अक्सर कहा करते थे कि “मैं आज जो भी बना हूं वह पूजा की वजह से बना हूं।” घर चलाने के लिए स्कूल में करती थी नौकरी पूजा अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए पूजा कहती हैं, ‘भानु राजस्थान के भरतपुर में रहकर आईपीएस बनने की तैयारी कर रहे थे। उनकी बहन की शादी भी भरतपुर में ही हुई है। पूजा और भानु वहीं कमरा लेकर रहते थे।’ पूजा ने बताया कि मैं स्कूल में नौकरी करने लगी। वह पढ़ाई करते थे इसलिए मैं घर चलाने के लिए संत पीटर्स स्कूल में नौकरी करने लगी। मुझे उस वक्त 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। उसी में हम अपना गुजारा करते थे। हम बहुत खुश थे। एक साथ सामान खरीदने जाते थे। वो मुझसे कभी अपना हाईलाइटर मंगाते थे तो कभी किताबें। मैं सुबह चार बजे उठकर घर का सारा काम करती थी। उनके लिए खाना बनाकर स्कूल जाती थी। स्कूल से आने के बाद खाना बनाती थी फिर कपड़े धोती थी। सारे काम मैं खुद करती थी ताकि भानु पढ़ाई कर सकें।’ हमेशा से साथ में जिम जाते थे भानु और पूजा पूजा कहती हैं, वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। दिन-रात पढ़ते रहते थे। वो कहते थे कि एक दिन आईपीएस बन जाऊंगा तो हमारी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। मुझे जिम जाना बहुत पसंद था तो मैं भानु को भी कहती थी कि जब तक तुम जिम नहीं जाओगे तब तक अच्छे आईपीएस कैसे दिखोगे। तब से वह भी मेरे साथ जिम जाने लगे। हम दोनों साथ में जिम जाते थे। इस बीच भरतपुर से भानु आईपीएस की तैयारी करने मुखर्जी नगर चले गए। उस वक्त हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। भानु बेहद गरीब घर के लड़के थे। उनकी लैंग्वेज में भी प्रॉब्लम थी। वह कहते थे कि पूजा इतना मेहनत करने के बाद भी मैं इंटरव्यू में ही रह जा रहा हूं। मैंने उनसे कहा कि आप एक काम कीजिए इंटरव्यू देने जाइए। मैं अपना गोल्ड बेच दूंगी जो मम्मी ने शादी में दी थी। मुझे इन सारी चीजों का शौक भी नहीं है तो आप ये ले जाइए। आप जब आईपीएस बन जाएंगे तो फिर से हम बनवा लेंगे।’ मुखर्जी नगर पहुंचते ही चोरी हो गया भानु प्रताप का फोन पूजा बताती हैं, ‘भानु मुखर्जी नगर गए पहुंचते ही जूस पीने गए। जहां पर उनका फोन चोरी हो गया। मुझे स्कूल में फोन आया कि मेरे घर से फोन आया है। मैं टेंशन में आ गई। भानु ने दूसरे के नंबर से कॉल कर बताया कि पूजा मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। फिर उन्होंने एफआईआर किया, लेकिन फोन नहीं मिला। वह 6 लड़कों के साथ एक कमरे में रहने लगे। मैं उनके दोस्तों को फोन करके उनके बारे में पूछती थी। फिर एक दिन भानु का मैसेज आया कि उनका सिलेक्शन IPS में हो गया है। उस वक्त हमलोग बहुत खुश हुए थे। मीडिया वाले घर भी आए थे। हमलोग खुशी से रोने लगे थे।’ वर्ष 2020 में हुआ आईपीएस में सिलेक्शन पूजा बताती हैं, ‘जब 2020 में मेरी गुड़िया का जन्म हुआ तब इनका सेलेक्शन आईपीएस में हुआ। फिर मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। क्योंकि बेटी को फीडिंग करना था और उसका ख्याल रखना था। भानु 2020 में ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए। फिर मैं अपनी बेटी को लेकर अपनी मां के पास चली गई। वह रोज वीडियो कॉल करते थे। फिर 1 साल 7 दिन के बाद हम मिले। जब हमारी बेटी भी एक साल की हो गई। वो सारी यादें मैं भूल नहीं पाती हूं।
अब जानिए पति से विवाद पर क्या कहती हैं पूजा पति के साथ हुए विवाद को लेकर पूजा कहती हैं कि आज भी मुझे यकीन हैं कि मेरा पति ईमानदार है। मैं उसकी बहुत इज्जत करती हूं। ये ऐसा क्यों कर रहे हैं वह मुझे समझ नहीं आ रहा। उन्हें भी पता है कि मैं उनके बिना नहीं रह सकती। आज तक मैंने एफआईआर नहीं किया। मैं उनके खिलाफ नहीं जाना चाहती हूं। मेरे आगे पीछे बस वहीं एक इंसान हैं। मुझे बस अपना परिवार चाहिए। मैं बस उसी की लड़ाई लड़ रही हूं। मेरे घर वाले भी आज बहुत खुश हैं जब भानु मेरे साथ ये सब कर रहे। उनका कहना है कि जिसके चक्कर में पूजा ने हमें छोड़ा आज उसी ने छोड़ दिया। ये बातें मैंने भानु को भी बताई कि ये जो काम अभी आप मेरे साथ कर रहे हैं ये आप नौकरी से पहले कर लेते। अभी मुझे बीच रास्ते में क्यों छोड़ रहे? भानु नहीं समझे इसलिए मैंने जहर पी लिया। मैं हताश हो गई थी, जिसके लिए सब कुछ छोड़ा और घर वालों के खिलाफ तक गई आज वहीं मुझे छोड़ रहा है। भानु ने मुझे घर तक से धक्का दिया है। आज भानु बेटी को भी मुझसे दूर ले गए। खगड़िया एसपी आवास में मुझे बंद कर दिया। मुझे उससे मिलने नहीं दे रहे। जब मैं अस्पताल से आई तब मेरी बेटी मेरे पास तक नहीं आई। मेरी बेटी ने मुझसे कहा कि पापा कहते हैं कि मम्मी तुम्हें जहर देकर मार देगी। मैंने अपनी बेटी को गले लगाना चाहा लेकिन वह अपने पापा के पीछे छिप गई। भानु के घर वाले कहते हैं कि एक करोड़ रुपए लो और मेरे बेटे को छोड़ दो। मुझे बस ये जानना है कि मैं क्यों छोड़ूं? मेरी उनसे शादी हुई है तो मैं उनको कैसे छोड़ दूं। मुझे बस ये चिंता है कि मेरी बेटी कैसे अकेली रहेगी और वो बड़ी होगी तो उस पर क्या बीतेगा। मेरे पापा नहीं हैं। मेरे बड़े भैया हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा विरोध किया। मेरे भाई ने आज तक मुझसे कांटेक्ट नहीं किया। वह आज भी मुझसे बात नहीं करते। उन्हें ऐसा लगता है कि एक लड़के के चक्कर में मैंने उनकी इज्जत गंवा दी है।’ बिहार के खगड़िया में एसपी पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब राजस्थान के भरतपुर के मथुरा गेट थाने तक पहुंच गया है। IPS की पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी। उनका आरोप है कि पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। पूजा का कहना है कि मैं उनके संघर्ष में उनके साथ थी, तो आज वह भी मेरे संघर्ष में मेरे साथ रहें। मुझे यह सब नहीं करना है। मुझे तो एक नॉर्मल जिंदगी जीनी है, जिसमें मैं, मेरी बच्ची और मेरा पति तीनों साथ रहें। मेरी बच्ची मेरे लिए रोती है, लेकिन भानु मुझसे उसकी बात तक नहीं करा रहे हैं। मुझे अपनी बेटी से मिले और उसे देखे हुए 16 दिन हो गए हैं। भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उनका परिवार भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से भानुप्रताप सिंह अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में ही थे। इसी दौरान उनकी पत्नी पूजा बिहार से भरतपुर पहुंचीं। पत्नी के पहुंचने की जानकारी के बाद भानुप्रताप सिंह भरतपुर से निकल गए। पूजा ने बताया कि जब मैं भरतपुर पहुंचीं तो उनके साथ छह लोगों को सुरक्षा में भेजा गया था। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। इसके बाद वह अपने ससुराल पहुंचीं, लेकिन वहां उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। पहले ससुराल पहुंचीं, फिर ननद के घर गईं
पूजा ने पुलिस को बताया कि वह सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित ससुराल पहुंचीं। करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद वह विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं। वहां भी दरवाजा नहीं खोला गया। परेशान होकर पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद मांगी। थाने में एसएचओ ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में ही बैठी रहीं। अब जानिए कैसे शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी पूजा बताती हैं, ‘भानु के पिता फौज में थे और मेरे मौसा जी भी फौज में थे। भानु मेरे मौसा के दोस्त का बेटा है। साल 2015 में पहली बार हमलोग कोलकाता में एक फैमिली पार्टी में मिले और वह पहली नजर में ही मुझे पसंद करने लगे। फिर हमारी बातचीत शुरू हुई। कई दिनों तक हम लोग एक दूसरे से बातचीत करते रहे। उन्होंने मुझे फोन पर कई बार कहा कि मुझे पसंद करते हैं। बातचीत का सिलिसला इतना आगे बढ़ा कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। हमने जब अपने घर वालों को बताया तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। भानु के घर वाले भी राजी नहीं थे। हम लोग लगातार घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहे थे।’ मेरा रिश्ता डॉक्टर से कराना चाहते थे घरवाले पूजा ने बताया ‘एक दिन मेरे भैया के ससुराल पक्ष से मेरे लिए रिश्ता आया। लड़का बंगलौर से मुझे देखने आने वाला था। मैंने भानु को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मैं तैयारी ही कर रहा हूं मेरे जॉब का भी पता नहीं कब तक लगेगी। मैंने कहा कि मेरे परिवार वाले मुझपर दबाव डाल रहे है कि लड़का डॉक्टर है, अच्छे परिवार से है शादी कर लो। भानु ने कहा कि “पूजा अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगा? हम शादी जरूर करेंगे, अगर घर वाले नहीं मान रहे तो तुम ट्रेन पकड़ कर मेरे पास आ जाओ।” अब जानिए कब दोनों ने शादी की…घर से झूठ बोलकर भरतपुर पहुंच गई पूजा पूजा उन दिनों को याद कर बताती हैं, ‘फिर मैं रात को हावड़ा जोधपुर ट्रेन पकड़ कर भानु के पास जाने के लिए निकल गई। मैंने इस बारे में अपने घर वालों को नहीं बताया। उनको बताया कि एक दोस्त की पार्टी में जा रही हूं। मुझे आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। मैंने भरतपुर पहुंचकर मम्मी को फोन किया और सारी बातें बताई। उस वक्त भानु ने मेरी मां से बात की। उनको बताया कि आप पूजा की चिंता मत कीजिए। मैं उसको कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। 16 जनवरी 2017 को हमारी शादी हुई। उस वक्त मेरे घर से सिर्फ मेरी मां और मौसी का परिवार आया था। भानु के घर से सब लोग आए थे। उस वक्त उन्हें ऐसा लगता था कि भानु की नौकरी मेरी वजह से लगी है। पूजा ने बताया कि भानु अक्सर कहा करते थे कि “मैं आज जो भी बना हूं वह पूजा की वजह से बना हूं।” घर चलाने के लिए स्कूल में करती थी नौकरी पूजा अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए पूजा कहती हैं, ‘भानु राजस्थान के भरतपुर में रहकर आईपीएस बनने की तैयारी कर रहे थे। उनकी बहन की शादी भी भरतपुर में ही हुई है। पूजा और भानु वहीं कमरा लेकर रहते थे।’ पूजा ने बताया कि मैं स्कूल में नौकरी करने लगी। वह पढ़ाई करते थे इसलिए मैं घर चलाने के लिए संत पीटर्स स्कूल में नौकरी करने लगी। मुझे उस वक्त 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। उसी में हम अपना गुजारा करते थे। हम बहुत खुश थे। एक साथ सामान खरीदने जाते थे। वो मुझसे कभी अपना हाईलाइटर मंगाते थे तो कभी किताबें। मैं सुबह चार बजे उठकर घर का सारा काम करती थी। उनके लिए खाना बनाकर स्कूल जाती थी। स्कूल से आने के बाद खाना बनाती थी फिर कपड़े धोती थी। सारे काम मैं खुद करती थी ताकि भानु पढ़ाई कर सकें।’ हमेशा से साथ में जिम जाते थे भानु और पूजा पूजा कहती हैं, वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। दिन-रात पढ़ते रहते थे। वो कहते थे कि एक दिन आईपीएस बन जाऊंगा तो हमारी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। मुझे जिम जाना बहुत पसंद था तो मैं भानु को भी कहती थी कि जब तक तुम जिम नहीं जाओगे तब तक अच्छे आईपीएस कैसे दिखोगे। तब से वह भी मेरे साथ जिम जाने लगे। हम दोनों साथ में जिम जाते थे। इस बीच भरतपुर से भानु आईपीएस की तैयारी करने मुखर्जी नगर चले गए। उस वक्त हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। भानु बेहद गरीब घर के लड़के थे। उनकी लैंग्वेज में भी प्रॉब्लम थी। वह कहते थे कि पूजा इतना मेहनत करने के बाद भी मैं इंटरव्यू में ही रह जा रहा हूं। मैंने उनसे कहा कि आप एक काम कीजिए इंटरव्यू देने जाइए। मैं अपना गोल्ड बेच दूंगी जो मम्मी ने शादी में दी थी। मुझे इन सारी चीजों का शौक भी नहीं है तो आप ये ले जाइए। आप जब आईपीएस बन जाएंगे तो फिर से हम बनवा लेंगे।’ मुखर्जी नगर पहुंचते ही चोरी हो गया भानु प्रताप का फोन पूजा बताती हैं, ‘भानु मुखर्जी नगर गए पहुंचते ही जूस पीने गए। जहां पर उनका फोन चोरी हो गया। मुझे स्कूल में फोन आया कि मेरे घर से फोन आया है। मैं टेंशन में आ गई। भानु ने दूसरे के नंबर से कॉल कर बताया कि पूजा मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। फिर उन्होंने एफआईआर किया, लेकिन फोन नहीं मिला। वह 6 लड़कों के साथ एक कमरे में रहने लगे। मैं उनके दोस्तों को फोन करके उनके बारे में पूछती थी। फिर एक दिन भानु का मैसेज आया कि उनका सिलेक्शन IPS में हो गया है। उस वक्त हमलोग बहुत खुश हुए थे। मीडिया वाले घर भी आए थे। हमलोग खुशी से रोने लगे थे।’ वर्ष 2020 में हुआ आईपीएस में सिलेक्शन पूजा बताती हैं, ‘जब 2020 में मेरी गुड़िया का जन्म हुआ तब इनका सेलेक्शन आईपीएस में हुआ। फिर मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। क्योंकि बेटी को फीडिंग करना था और उसका ख्याल रखना था। भानु 2020 में ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए। फिर मैं अपनी बेटी को लेकर अपनी मां के पास चली गई। वह रोज वीडियो कॉल करते थे। फिर 1 साल 7 दिन के बाद हम मिले। जब हमारी बेटी भी एक साल की हो गई। वो सारी यादें मैं भूल नहीं पाती हूं।
अब जानिए पति से विवाद पर क्या कहती हैं पूजा पति के साथ हुए विवाद को लेकर पूजा कहती हैं कि आज भी मुझे यकीन हैं कि मेरा पति ईमानदार है। मैं उसकी बहुत इज्जत करती हूं। ये ऐसा क्यों कर रहे हैं वह मुझे समझ नहीं आ रहा। उन्हें भी पता है कि मैं उनके बिना नहीं रह सकती। आज तक मैंने एफआईआर नहीं किया। मैं उनके खिलाफ नहीं जाना चाहती हूं। मेरे आगे पीछे बस वहीं एक इंसान हैं। मुझे बस अपना परिवार चाहिए। मैं बस उसी की लड़ाई लड़ रही हूं। मेरे घर वाले भी आज बहुत खुश हैं जब भानु मेरे साथ ये सब कर रहे। उनका कहना है कि जिसके चक्कर में पूजा ने हमें छोड़ा आज उसी ने छोड़ दिया। ये बातें मैंने भानु को भी बताई कि ये जो काम अभी आप मेरे साथ कर रहे हैं ये आप नौकरी से पहले कर लेते। अभी मुझे बीच रास्ते में क्यों छोड़ रहे? भानु नहीं समझे इसलिए मैंने जहर पी लिया। मैं हताश हो गई थी, जिसके लिए सब कुछ छोड़ा और घर वालों के खिलाफ तक गई आज वहीं मुझे छोड़ रहा है। भानु ने मुझे घर तक से धक्का दिया है। आज भानु बेटी को भी मुझसे दूर ले गए। खगड़िया एसपी आवास में मुझे बंद कर दिया। मुझे उससे मिलने नहीं दे रहे। जब मैं अस्पताल से आई तब मेरी बेटी मेरे पास तक नहीं आई। मेरी बेटी ने मुझसे कहा कि पापा कहते हैं कि मम्मी तुम्हें जहर देकर मार देगी। मैंने अपनी बेटी को गले लगाना चाहा लेकिन वह अपने पापा के पीछे छिप गई। भानु के घर वाले कहते हैं कि एक करोड़ रुपए लो और मेरे बेटे को छोड़ दो। मुझे बस ये जानना है कि मैं क्यों छोड़ूं? मेरी उनसे शादी हुई है तो मैं उनको कैसे छोड़ दूं। मुझे बस ये चिंता है कि मेरी बेटी कैसे अकेली रहेगी और वो बड़ी होगी तो उस पर क्या बीतेगा। मेरे पापा नहीं हैं। मेरे बड़े भैया हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा विरोध किया। मेरे भाई ने आज तक मुझसे कांटेक्ट नहीं किया। वह आज भी मुझसे बात नहीं करते। उन्हें ऐसा लगता है कि एक लड़के के चक्कर में मैंने उनकी इज्जत गंवा दी है।’

