मधुबनी के महाकवि पंडित लालदास की स्मृति में बनेगा पुस्तकालय:14 लाख से होगा निर्माण, स्टूडेंट्स-रिसर्च करने वालों को मिलेगी पढ़ने की सुविधा

मधुबनी के महाकवि पंडित लालदास की स्मृति में बनेगा पुस्तकालय:14 लाख से होगा निर्माण, स्टूडेंट्स-रिसर्च करने वालों को मिलेगी पढ़ने की सुविधा

मधुबनी के झंझारपुर में महाकवि पंडित लालदास की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और नई पीढ़ी को उनके साहित्य व रचना संसार से जोड़ने की पहल शुरू हो गई है। योजना एवं विकास विभाग की मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत झंझारपुर प्रखंड के खड़ौआ स्थित लालदास प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में महाकवि पंडित लालदास स्मृति पुस्तकालय भवन का निर्माण कराया जाएगा। शनिवार शाम बिहार विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार ने भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। पुस्तकालय भवन के निर्माण पर करीब 14 लाख रुपए खर्च होंगे। विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेगी अध्ययन की सुविधा शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कहा कि महाकवि पंडित लालदास का विराट साहित्यिक रचना संसार मिथिला की भाषा, साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। मिथिला की सभ्यता और संस्कृति का भारतीय सांस्कृतिक विरासत में विशिष्ट स्थान है। पंडित लालदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से इस विरासत को समृद्ध करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने कहा कि महाकवि की जन्मस्थली पर उनकी स्मृति में पुस्तकालय भवन का निर्माण शुरू होना गौरव का विषय है। पुस्तकालय बनने के बाद विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों और शोधार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही युवाओं में पढ़ने और साहित्य के प्रति रुचि भी विकसित होगी। साहित्य और संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने की पहल वक्ताओं ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान सिर्फ उसकी भौगोलिक सीमा से नहीं, बल्कि वहां की भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत से भी होती है। महाकवि पंडित लालदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे में उनकी स्मृति में पुस्तकालय का निर्माण केवल एक भवन तैयार करना नहीं, बल्कि उनकी साहित्यिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुस्तकालय में साहित्य से जुड़ी पुस्तकों के साथ विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अध्ययन का माहौल तैयार होने की उम्मीद है। समिति के अध्यक्ष ने की समारोह की अध्यक्षता शिलान्यास समारोह की अध्यक्षता महाकवि पंडित लालदास जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष अनुप कुमार कश्यप ने की। कार्यक्रम का संचालन समिति के संयुक्त सचिव डॉ. संजीव शर्मा ने किया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुजीत कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार विनोद कुमार कर्ण, रंगकर्मी प्रो. महेंद्र कर्ण, डॉ. आरएन दास, डॉ. इंद्रमोहन झा और अजय सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके अलावा कार्यक्रम में अजय कुमार दास, डॉ. संजय कुमार झा, जैनेन्द्र कुमार, रिंकू कुमार चौधरी, श्याम सुंदर महतो, राजेंद्र कुमार दास, पल्लव कौशिक, कौशल मोहन, अमरकांत लाल, विनय कुमार दास, संदीप दास, विकास ठाकुर और शिव कुमार सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। पुस्तकालय भवन के निर्माण से स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों को अध्ययन के लिए एक स्थायी स्थान मिलने की उम्मीद है। साथ ही महाकवि पंडित लालदास की साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी यह पुस्तकालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मधुबनी के झंझारपुर में महाकवि पंडित लालदास की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और नई पीढ़ी को उनके साहित्य व रचना संसार से जोड़ने की पहल शुरू हो गई है। योजना एवं विकास विभाग की मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत झंझारपुर प्रखंड के खड़ौआ स्थित लालदास प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में महाकवि पंडित लालदास स्मृति पुस्तकालय भवन का निर्माण कराया जाएगा। शनिवार शाम बिहार विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार ने भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। पुस्तकालय भवन के निर्माण पर करीब 14 लाख रुपए खर्च होंगे। विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेगी अध्ययन की सुविधा शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कहा कि महाकवि पंडित लालदास का विराट साहित्यिक रचना संसार मिथिला की भाषा, साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। मिथिला की सभ्यता और संस्कृति का भारतीय सांस्कृतिक विरासत में विशिष्ट स्थान है। पंडित लालदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से इस विरासत को समृद्ध करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने कहा कि महाकवि की जन्मस्थली पर उनकी स्मृति में पुस्तकालय भवन का निर्माण शुरू होना गौरव का विषय है। पुस्तकालय बनने के बाद विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों और शोधार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही युवाओं में पढ़ने और साहित्य के प्रति रुचि भी विकसित होगी। साहित्य और संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने की पहल वक्ताओं ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान सिर्फ उसकी भौगोलिक सीमा से नहीं, बल्कि वहां की भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत से भी होती है। महाकवि पंडित लालदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे में उनकी स्मृति में पुस्तकालय का निर्माण केवल एक भवन तैयार करना नहीं, बल्कि उनकी साहित्यिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुस्तकालय में साहित्य से जुड़ी पुस्तकों के साथ विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अध्ययन का माहौल तैयार होने की उम्मीद है। समिति के अध्यक्ष ने की समारोह की अध्यक्षता शिलान्यास समारोह की अध्यक्षता महाकवि पंडित लालदास जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष अनुप कुमार कश्यप ने की। कार्यक्रम का संचालन समिति के संयुक्त सचिव डॉ. संजीव शर्मा ने किया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुजीत कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार विनोद कुमार कर्ण, रंगकर्मी प्रो. महेंद्र कर्ण, डॉ. आरएन दास, डॉ. इंद्रमोहन झा और अजय सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके अलावा कार्यक्रम में अजय कुमार दास, डॉ. संजय कुमार झा, जैनेन्द्र कुमार, रिंकू कुमार चौधरी, श्याम सुंदर महतो, राजेंद्र कुमार दास, पल्लव कौशिक, कौशल मोहन, अमरकांत लाल, विनय कुमार दास, संदीप दास, विकास ठाकुर और शिव कुमार सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। पुस्तकालय भवन के निर्माण से स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों को अध्ययन के लिए एक स्थायी स्थान मिलने की उम्मीद है। साथ ही महाकवि पंडित लालदास की साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी यह पुस्तकालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।  

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