India vs Afghanistan 1st T20: भारत-अफगानिस्तान के बीच रविवार को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में टी20 सीरीज का पहला मैच खेला जाना है, जिससे पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन की फिटनेस पर अपडेट दिया है। ईशान किशन ने शुक्रवार को प्रैक्टिस सेशन के दौरान पीठ में तकलीफ महसूस की थी। ईशान की फिटनेस के बारे में बात करते हुए अय्यर ने बताया कि वह मैच से पहले ठीक हो जाएंगे।
श्रेयस अय्यर ने बताया ताजा हाल
श्रेयस अय्यर ने कहा, “मुझे लगता है कि वह अभी ठीक महसूस कर रहे हैं। प्रैक्टिस सेशन के बाद मैंने उससे बात की थी। यह बस एक मामूली-सी तकलीफ थी। वह लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि उन्होंने कैसी पारी खेली थी। इसलिए, निश्चित रूप से थोड़ी थकान है। लेकिन आज उन्हें आराम मिला है। मुझे यकीन है कि वह कल तक ठीक हो जाएंगे।”
कप्तान के सामने टॉप-ऑर्डर चुनने का मुश्किल फैसला है। अय्यर का कहना है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार उनके लिए सिरदर्द नहीं, बल्कि एक अच्छी बात है। भारत को अपने टॉप-ऑर्डर के लिए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन में से किसी एक को चुनना है। आयरलैंड और इंग्लैंड में सैमसन के कम स्कोर के बाद, सूर्यवंशी ने अभिषेक के साथ ओपनिंग की, जिसमें जुलाई में जिम्बाब्वे के विरुद्ध लगातार तीन मैच भी शामिल थे।
श्रेयस अय्यर ने 3 ओपनर्स होने का फायदा
अय्यर ने शनिवार को मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “इन तीनों खिलाड़ियों का टीम में होना ही एक अच्छी बात है। वे अपने-अपने रोल में बेहतरीन हैं। हां, यह फैसला लेना मुश्किल होगा, क्योंकि वे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। देखिए, जिसे भी मौका मिलता है, वह निश्चित रूप से टीम के फायदे के लिए होता है। जो खिलाड़ी बाहर बैठा है, उसके लिए यह जरूरी है कि मैं कोच के साथ मिलकर उनसे बात करूं और उसे भरोसा दिलाऊं कि चाहे कुछ भी हो, सही समय आने पर उसे मौका जरूर मिलेगा।”
अपनी पसंदीदा प्लेइंग इलेवन कॉम्बिनेशन, खासकर ऑलराउंडर्स के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने बताया कि उन्हें ऐसे खिलाड़ी पसंद हैं जिन्हें खास पोजीशन पर खेलने के लिए चुना गया हो। उन्होंने कहा, “मुझे किस तरह का कॉम्बिनेशन पसंद है, इस बारे में बात करते हुए कहूंगा कि सही पोजीशन पर सही खिलाड़ी का होना जरूरी है। प्रत्येक एक खिलाड़ी की अपनी अहमियत होती है। सिर्फ रोल या भूमिका जानने के बजाय, यह जरूरी है कि उन्हें पता हो कि टीम को उनसे क्या उम्मीद है, क्योंकि जब आप कहते हैं कि टीम में आपका यही रोल है, तो खिलाड़ी पर बहुत ज्यादा दबाव आ जाता है। अगर आप इसे बेहतर तरीके से कहें, जैसे कि ‘टीम को इस खास रोल में आपकी जरूरत है’, तो खिलाड़ी को लगता है कि टीम को उसकी जरूरत है और उसे अहमियत दी जा रही है।”






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