Ganesh Chaturthi 2026: घर पर कैसे बनाएं गणपति बप्पा की इको फ्रेंडली मूर्ति? 7 स्टेप्स में यहां देखें वीडियो

Ganesh Chaturthi 2026: घर पर कैसे बनाएं गणपति बप्पा की इको फ्रेंडली मूर्ति? 7 स्टेप्स में यहां देखें वीडियो

जयपुर। ‘माटी से जन्म, माटी में विलय… यही प्रकृति का शाश्वत नियम है।’ गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ ही घर-घर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं। बप्पा को घर लाने के लिए इस बार बाजार जाने की जरूरत नहीं… थोड़ी सी मिट्टी, हाथों की कला और मन में श्रद्धा हो तो आप खुद अपने घर में श्रीगणेश को आकार दे सकते हैं।

मिट्टी को गूंथने से लेकर बप्पा की सूंड, कान, हाथ और मुकुट बनाने तक हर चरण आसान है। खास बात यह है कि परिवार के बच्चे भी इस प्रक्रिया में शामिल होकर गणेशोत्सव को रचनात्मक और पर्यावरण के अनुकूल बना सकते हैं। आइए, जानते हैं कैसे तैयार करें मिट्टी के श्रीगणेश।

यहां देखें गणेश मूर्ति बनाने का वीडियो :

मिट्टी के श्रीगणेश बनाने के आसान स्टेप्स

स्टेप-1 : मिट्टी गूंथें

सबसे पहले मिट्टी को अच्छी तरह गूंथकर मुलायम करें, ताकि उसमें गांठें न रहें और आसानी से आकार दिया जा सके।

स्टेप-2 : शरीर का आधार बनाएं

एक बड़ी गोल लोई बनाकर बप्पा के शरीर का आधार तैयार करें। नीचे दो छोटी लोइयों से पैर बनाकर जोड़ें।

स्टेप-3 : पेट और धड़ को आकार दें

मिट्टी की लोई से बप्पा का पेट और धड़ तैयार करें। शरीर के अनुपात के अनुसार इसे हाथों से आकार दें।

स्टेप-4 : सिर और हाथ लगाएं

एक अलग गोल लोई से सिर बनाकर धड़ पर जोड़ें। इसके बाद मिट्टी से दोनों हाथ बनाकर शरीर के दोनों ओर लगा दें।

स्टेप-5 : कान और सूंड बनाएं

मिट्टी को चपटा करके दोनों बड़े कान तैयार करें और सिर के दोनों ओर लगाएं। फिर लंबी लोई बनाकर सूंड तैयार करें और चेहरे पर जोड़ें।

स्टेप-6 : मुकुट और चेहरे की बारीकियां दें

मिट्टी से मुकुट बनाकर सिर पर लगाएं। आंखें, दांत और अन्य बारीक आकृतियां बनाकर बप्पा के चेहरे को स्वरूप दें।

स्टेप-7 : अंतिम रूप दें

हाथ-पैर और सभी हिस्सों को अच्छी तरह जोड़कर प्रतिमा को अंतिम आकार दें। इसके बाद इसे प्राकृतिक तरीके से सूखने दें।

इसलिए खास हैं मिट्टी के गणेशजी

  • पानी में आसानी से घुल जाते हैं
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस से होने वाले प्रदूषण से बचाव
  • घर पर बनाना आसान
  • बच्चों में रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता
  • विसर्जन के बाद मिट्टी का दोबारा उपयोग संभव

एक्सपर्ट व्यू : बच्चों के हाथों में आस्था का रंग

गणेश उत्सव में इस बार शहर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी गढ़ा जा रहा है। पिछले चार वर्षों से बच्चों और बड़ों के लिए मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की कार्यशाला आयोजित कर रही हूं। यहां लोग तैयार प्रतिमा खरीदने के बजाय अपने हाथों से मिट्टी को आकार देकर बप्पा की प्रतिमा तैयार करते हैं। यह गतिविधि केवल कला सीखने तक सीमित नहीं, बल्कि आस्था और प्रकृति से जुड़ने का अनुभव है। मिट्टी की प्रतिमा विसर्जन के बाद आसानी से प्रकृति में घुल जाती है और इसी मिट्टी का उपयोग पौधे लगाने में भी किया जा सकता है। पहल का संदेश साफ है “बप्पा घर आएं श्रद्धा से और प्रकृति में लौटें प्रेम से।” -श्रेया जैन, आर्टिस्ट, जयपुर

एक पहल: गणेशोत्सव पर माटी के श्रीगणेश

पर्यावरण संरक्षण के लिए आपका योगदान जरूरी है… प्रथम पूज्य श्रीगणेश की माटी की मूर्ति घर-आंगन में स्थापित कर इस गणेशोत्सव पर पर्यावरण बचाने का बड़ा संदेश दें। हम आपकी फोटो और संदेश को पत्रिका में प्रकाशित करेंगे, ताकि आपका संदेश हर पाठक तक पहुंचे।

यह करना है-

  • इको फ्रेंडली गणेशजी के साथ अपनी सेल्फी लें।
  • अपना नाम, पता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लिखें।
  • हमें फोटो और संदेश वाट्सऐप पर भेजें: 9057531834

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